भागलपुर, 8 सितंबर 2025।भागलपुर प्रमंडल में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक सोमवार को जिला अतिथि गृह, समीक्षा भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ० प्रेम कुमार ने की। इस दौरान दी भागलपुर सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि०, भागलपुर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए।
मंत्री ने उठाए गंभीर सवाल
बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि भागलपुर जिले के 12 और बाँका जिले के 02, कुल 14 FPO (किसान उत्पादक संगठन) गठित हो चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ने काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने प्रबंध निदेशक, जिला सहकारिता पदाधिकारी (भागलपुर एवं बाँका) को निर्देश दिया कि सभी FPO जल्द से जल्द काम शुरू करें। साथ ही चेतावनी दी कि जो संगठन निष्क्रिय रहेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समितियों और बैंक खाते पर जोर
- मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी निबंधित सहकारी समितियों और नई समितियों का खाता केंद्रीय सहकारी बैंक में खुलवाना अनिवार्य है।
- बैंक प्रबंधन को समिति अध्यक्षों से संपर्क कर खातों की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
- साथ ही समिति अध्यक्षों के साथ नियमित बैठकें कर उन्हें व्यवसाय बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग देने पर बल दिया।
नई सहकारी नीति पर चर्चा
डॉ० प्रेम कुमार ने बताया कि भारत सरकार ने “नई सहकारी नीति (New Co-operative Policy)” का मसौदा राज्यों को भेजा है।
➡️ उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी नीति का गहन अध्ययन करें और सामूहिक सुझाव तैयार कर मुख्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि राज्य स्तर से केंद्र सरकार को भेजा जा सके।
पैक्स कम्प्यूटरीकरण और रिकॉर्ड अपडेट
बैठक में पैक्स कम्प्यूटरीकरण पर भी गंभीर चर्चा हुई।
- जिन समितियों का चयन पैक्स कम्प्यूटरीकरण के लिए नहीं हुआ है, उनका प्रस्ताव बिहार राज्य सहकारी बैंक, पटना को भेजा जाए।
- जिन समितियों का कैशबुक और डे-बुक पेंडिंग है, उन्हें अपडेट कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
- मंत्री ने यह भी कहा कि भागलपुर और बाँका जिले की Dynamic Day End रिपोर्ट पूरे बिहार में टॉप 10 में शामिल है, जो सराहनीय है, लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता है।
अन्य अहम निर्देश
- CSC संचालन हेतु जिन समितियों की आईडी बनी है, उनका खाता खोलकर ट्रांजैक्शन शुरू किया जाए।
- विभाग से जो भी SOP (जैसे सहकारी चौपाल) प्राप्त हो, उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
- बैंक कर्मचारियों/पदाधिकारियों को पैक्स आवंटित किए जाएंगे और संबंधित पैक्स में सदस्यता में 25% की वृद्धि करना उनकी जिम्मेदारी होगी।
- JLG (Joint Liability Group) की अपेक्षित संख्या में गठन हेतु नाबार्ड को प्रस्ताव भेजा जाए।
बैठक के अंत में सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारी समितियाँ ग्रामीण विकास और किसानों की प्रगति का मजबूत आधार हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


