पटना, 18 सितंबर।राज्य में मादक पदार्थों और शराब तस्करी के अवैध नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए सरकार ने एक विशेष इकाई का गठन किया है। इसका नाम “मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो” रखा गया है। गृह विभाग ने इसकी स्वीकृति प्रदान करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है।
इसकी जानकारी एडीजी (मुख्यालय सह एसटीएफ) कुंदन कृष्णन ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह ब्यूरो दिसंबर से पूरी तरह से कार्यरत हो जाएगा।
एटीएस की तर्ज पर होगा विशेष थाना
एडीजी ने बताया कि यह इकाई एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की तर्ज पर अपना अलग थाना रखेगी, जिसका कार्यक्षेत्र पूरा राज्य होगा। इसके लिए 329 पद स्वीकृत किए गए हैं।
- पहले से मद्यनिषेध इकाई के 229 पद हस्तांतरित किए गए हैं।
- इसके अलावा 100 नए पदों की स्वीकृति दी गई है।
- नेतृत्व एडीजी या आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे।
- 2 एसपी रैंक (एक मद्यनिषेध और एक नारकोटिक्स), 18 डीएसपी, 48 इंस्पेक्टर, 50 दारोगा और अन्य कर्मियों की नियुक्ति होगी।
गठन का मकसद
इस ब्यूरो का मुख्य उद्देश्य राज्य में मादक पदार्थों और शराब तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना है।
- चरस, गांजा, अफीम सहित अन्य नारकोटिक्स ड्रग्स से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई इसी इकाई द्वारा की जाएगी।
- हाल में चरस और गांजा की सप्लाई चेन के तार नेपाल और राजस्थान से जुड़े पाए गए हैं।
- इस नेटवर्क में शामिल बाहरी राज्यों और देशों के अपराधियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
एसटीएफ की हालिया कार्रवाई (अप्रैल–अगस्त 2025)
एडीजी ने बताया कि एसटीएफ ने नशे के कारोबार के खिलाफ अप्रैल से अगस्त तक बड़ी कार्रवाई की है।
- 765.42 किलो स्मैक (मूल्य 7.50 लाख रुपये)
- 8.50 किलो अफीम (मूल्य 17 लाख रुपये)
- 3.154 किलो हेरोइन (मूल्य 3 करोड़ रुपये)
- 375 किलो डोडा और 3.5 किलो गांजा
- 12.93 लाख रुपये नकद, 37 मोबाइल और 9 वाहन जब्त
- 51 तस्करों की गिरफ्तारी
यह विशेष इकाई सक्रिय होने के बाद मादक पदार्थों और शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करेगी तथा राज्य में चल रहे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।


