बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, मिलेगा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिसर

ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हॉस्टल और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का होगा लाभ

पटना, 26 जुलाई 2025 — बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग द्वारा पटना स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है। विश्वविद्यालय परिसर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है जिसमें शैक्षणिक, प्रशासनिक, अनुसंधान, आवासीय और खेल से जुड़ी तमाम आवश्यक संरचनाएं शामिल हैं।

मुख्य विशेषताएं:

  • कुल क्षेत्रफल: 224.53 एकड़
  • ऑडिटोरियम: 1200 लोगों की क्षमता वाला
  • गेस्ट हाउस: 40 सिंगल रूम, 10 वीआईपी रूम, 20 डॉर्मिटरी बेड
  • स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: आउटडोर खेल सुविधाओं के साथ निर्माणाधीन

छात्रावास की व्यवस्था:

बॉयज हॉस्टल:

  • स्नातक छात्र: 350 (डबल सीटर)
  • स्नातकोत्तर छात्र: 210 (सिंगल सीटर)
  • पीएचडी छात्र: 140 (सिंगल सीटर)

गर्ल्स हॉस्टल:

  • स्नातक छात्राएं: 200 (डबल सीटर)
  • स्नातकोत्तर छात्राएं: 90 (सिंगल सीटर)
  • पीएचडी छात्राएं: 60 (सिंगल सीटर)

तकनीकी और शैक्षणिक भवन:

  • डेयरी इंजीनियरिंग भवन:
    क्षेत्रफल: 5704 वर्ग मीटर
    सुविधाएं: डेयरी प्रोसेसिंग लैब, फूड इंजीनियरिंग लैब, कंप्यूटर लैब, वर्कशॉप, 4 सेमिनार हॉल
  • अन्य पूर्ण भवन:
    • ILFC प्रशासनिक ब्लॉक
    • कुलपति आवास
    • सेंट्रल स्टोर
    • पशु प्रयोगशाला
    • फीड विश्लेषण एवं क्वालिटी कंट्रोल प्रयोगशाला
    • शॉपिंग भवन, कम्युनिटी सेंटर, तीन मंजिला डेयरी इंजीनियरिंग भवन
    • चार मंजिला बॉयज हॉस्टल

प्रगति पर कार्य:

  • प्रशासनिक भवन
  • शैक्षणिक भवन
  • डेयरी फॉर्म, हॉर्स फॉर्म, शीप एंड गोट फॉर्म
  • दो मंजिला फैकल्टी क्लब
  • तीन मंजिला एस्टेट इंजीनियरिंग
  • चार मंजिला गर्ल्स हॉस्टल
  • आवासीय इकाइयाँ

अत्याधुनिक सुविधाएं और पर्यावरण अनुकूल निर्माण

भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि विश्वविद्यालय को ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स से युक्त बनाया जा रहा है। यहाँ अनुसंधान, प्रशिक्षण और अधिवास की सभी आधुनिक आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है। छात्रों और वैज्ञानिकों दोनों के लिए आवासीय एवं प्रयोगशाला सुविधाएं विकसित की गई हैं।

“विश्वविद्यालय भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक तकनीकों और संरचनात्मक विशेषताओं से सुसज्जित होगा,” — कुमार रवि, सचिव, भवन निर्माण विभाग।


 

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