
पटना, 7 सितम्बर। बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने दरभंगा जिले के सरमोहनपुर में खादी मॉल सह अर्बन हाट के निर्माण की शुरुआत कर दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 29.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है और इसे डेढ़ साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से दरभंगा को खादी और हस्तशिल्प के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और यहां के कारीगरों व उद्यमियों को बड़ा बाजार उपलब्ध होगा।
खादी एक्सपीरिएंशल सेंटर बनेगा मुख्य आकर्षण
इस खादी मॉल की सबसे खास बात यह है कि इसमें खादी एक्सपीरिएंशल सेंटर भी बनाया जाएगा। पूरे परिसर का निर्माण बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की लगभग पांच एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। हाल ही में इस परियोजना स्थल का निरीक्षण आयडा (आवासन एवं शहरी विकास निगम) के पदाधिकारियों ने किया।
बिहार में खादी मॉल की श्रृंखला में नया नाम
वर्तमान में पटना और मुजफ्फरपुर में खादी मॉल संचालित हो रहे हैं, जबकि पूर्णिया में निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में दरभंगा का खादी मॉल विशेष होगा, क्योंकि यहां अर्बन हाट और खादी एक्सपीरिएंशल सेंटर दोनों की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे यह स्थान अन्य मॉल की तुलना में अनूठा और अधिक आकर्षक बन जाएगा।
रोजगार के नए अवसर
परियोजना पूरी होने के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। अनुमान है कि इस खादी मॉल के निर्माण से सीधे तौर पर लगभग 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं अप्रत्यक्ष रूप से 1000 से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कुल मिलाकर इस प्रोजेक्ट से 1200 से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा।
सुविधाओं से लैस होगा परिसर
खादी मॉल सह अर्बन हाट परिसर में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें एक रूफ टॉप रेस्टोरेंट, तालाब का सौंदर्यीकरण, अर्बन हाट मेमोरियल, फूड कोर्ट और आधुनिक बिल्डिंग का निर्माण शामिल है। साथ ही स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को अपनी दुकानें लेकर उत्पाद बेचने की सुविधा मिलेगी। मॉल प्रबंधन भी सीधे स्थानीय उत्पादकों से खादी सामग्री खरीदकर उनकी बिक्री सुनिश्चित करेगा।
स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को मिलेगा प्रोत्साहन
इस मॉल में खादी वस्त्रों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर बनी कलाकृतियों, पेंटिंग और हस्तशिल्प उत्पादों को भी प्रदर्शित और बेचा जाएगा। इससे न केवल खादी उत्पादों की खपत बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को भी अपने हुनर को सीधे ग्राहकों तक पहुँचाने का मंच मिलेगा।
सरकार की पहल से मिलेगा नया आयाम
बिहार सरकार की इस पहल से दरभंगा और आसपास के जिलों में खादी एवं हस्तशिल्प को नया बाजार मिलेगा। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। यह परियोजना खादी और ग्रामीण उद्योगों को आधुनिक बाजार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


