पटना, 20 अगस्त 2025:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न और संचार व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मार्गदर्शन में डाक विभाग (DoP) ने सफलतापूर्वक आईटी 2.0 – एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT) का रोलआउट किया। यह भारत के 1.65 लाख डाकघरों को डिजिटल और उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस नई प्रणाली से डाक सेवाएं तेज़, विश्वसनीय और नागरिक-केंद्रित बनेंगी। यह डिजिटल अपग्रेड भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया विज़न के अनुरूप है और देश के हर कोने तक वित्तीय व डाक सेवाएं पहुँचाने में मदद करेगा।
APT की प्रमुख विशेषताएँ:
- माइक्रो-सर्विस और ओपन API आधारित आर्किटेक्चर
- एकल, एकीकृत उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस
- क्लाउड-रेडी डिप्लॉयमेंट
- बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान
- क्यूआर कोड पेमेंट्स और ओटीपी आधारित डिलीवरी जैसी नई सुविधाएँ
- ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वसनीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना
- 10-अंकीय अल्फ़ान्यूमेरिक DIGIPIN – डिलीवरी की सटीकता बढ़ाने के लिए
- उन्नत रिपोर्टिंग और एनालिटिक्स
रोलआउट और प्रशिक्षण:
- मई–जून 2025 में कर्नाटक में सफल पायलट के बाद, पूरे देश में चरणबद्ध रोलआउट किया गया।
- बिहार सर्किल में 22 जुलाई 2025 से 4 अगस्त 2025 तक लागू किया गया।
- 4 अगस्त तक सभी 23 डाक सर्किलों में रोलआउट पूरा हुआ, जिसमें 1.70 लाख से अधिक डाकघर लाइव हुए।
- 4.6 लाख कर्मचारियों को “ट्रेन – रिट्रेन – रिफ्रेश” मॉडल के तहत प्रशिक्षित किया गया।
प्रभाव और उपलब्धियाँ:
- एक ही दिन में 32 लाख बुकिंग और 37 लाख डिलीवरी सफलतापूर्वक संपन्न।
- इंडिया पोस्ट अब आधुनिक, तकनीक-चालित सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर को पाटने और वित्तीय समावेशन बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान।
सिंधिया ने कहा:
“APT इंडिया पोस्ट को विश्व-स्तरीय सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में बदल देगा। यह आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया के निर्माण में एक मजबूत कदम है।”


