सराहनीय पहल: भागलपुर डीडीसी ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाया मिड-डे मील, बैजानी और पुरैनी पंचायतों में योजनाओं की ली सुध

द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर

​भागलपुर के उप विकास आयुक्त (DDC) श्री प्रदीप सिंह (IAS) ने मंगलवार को जगदीशपुर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों का सघन दौरा किया। आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत हुए इस निरीक्षण में डीडीसी का एक मानवीय चेहरा भी सामने आया, जब उन्होंने मध्य विद्यालय में बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता परखी। उनके इस व्यवहार की स्थानीय ग्रामीणों और शिक्षकों ने जमकर सराहना की।

विकास योजनाओं की ‘ग्राउंड रिपोर्ट’

​डीडीसी ने बैजानी, पुरैनी टोला सोनूचक और सन्हौली जैसी प्रमुख पंचायतों का दौरा कर वहां चल रहे निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर योजनाओं का प्रभाव देखा।

मोहम्मदपुर और सन्हौली में व्यवस्थाओं की जांच

​आकांक्षी प्रखंड मानकों को ध्यान में रखते हुए डीडीसी ने ग्राम मोहम्मदपुर और सन्हौली में कई इकाइयों का निरीक्षण किया:

  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: मध्य विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के प्रबंधन की बारीकी से जांच की गई।
  • स्वच्छता एवं खेल: अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (WPU) और खेल मैदान की स्थिति देखी।
  • नल-जल योजना: पी.एच.ई.डी. विभाग द्वारा संचालित नल-जल योजनाओं की उपयोगिता और लीकेज आदि की समीक्षा की।

गुणवत्ता पर सख्त तेवर: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

​निरीक्षण के दौरान कुछ कार्यों में कमियां पाए जाने पर डीडीसी ने संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए:

  1. मानक का पालन: सभी विकास कार्य तय मानकों और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ ही पूरे किए जाएं।
  2. समय-सीमा: योजनाओं को लटकाने के बजाय तय समय के भीतर पूर्ण कर आमजन को समर्पित करें।
  3. पारदर्शिता: कार्यों के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय हो और नियमित निगरानी की जाए।

बच्चों के साथ भोजन: गुणवत्ता मिली संतोषजनक

​मध्य विद्यालय तरडीहा में जांच के दौरान डीडीसी ने मध्याह्न भोजन वितरण व्यवस्था देखी। उन्होंने खुद बच्चों के बीच बैठकर भोजन किया ताकि स्वाद और स्वच्छता का सही आकलन हो सके। जांच में भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

दौरे में शामिल रहे अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता, निदेशक (लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन), निदेशक (रा.नि.का.) सहित कई विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

डीडीसी का संदेश: “हमारा उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में ठोस सुधार लाना है। शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता है।”

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