पटना: बिहार में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बर्फीली पछुआ हवाओं और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई शहरों में दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। गिरते तापमान के बीच लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं।
IMD का बड़ा अलर्ट: सभी 38 जिलों में कोल्ड डे की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को बिहार के सभी 38 जिलों में कोल्ड डे और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटे बेहद सर्द रहने वाले हैं। इस दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सबौर रहा सबसे ठंडा, कई जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे
पूरा राज्य शीतलहर की चपेट में है। पछुआ हवा के चलते कनकनी बढ़ गई है। शुक्रवार को कई जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया।
- सबौर: 7.4°C (सबसे ठंडा)
- गया, जहानाबाद, वाल्मीकिनगर: 10°C से नीचे
- पटना: प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में शामिल
कड़ाके की ठंड के कारण स्कूल बंद
ठंड और कोहरे के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
- पटना: 30 दिसंबर तक कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद
- नालंदा: 31 दिसंबर तक कक्षा 10 तक के सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान बंद
नालंदा DM का आदेश
नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा—
“सुबह और शाम के समय गिरते तापमान का बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसे देखते हुए जिले के सभी स्कूल, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थानों में कक्षा 10 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।”
हालांकि, प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षा की विशेष कक्षाएं इस आदेश से मुक्त रहेंगी। इन कक्षाओं को ठंड से बचाव के समुचित इंतजामों के साथ संचालित करने की अनुमति दी गई है।
ठंड से बचाव को लेकर डॉक्टरों की सलाह
बिहार शरीफ सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
ठंड से बचाव के उपाय:
- बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें
- गर्म कपड़े, टोपी, जैकेट और जूते का इस्तेमाल करें
- बाइक चलाते समय पूरी सुरक्षा रखें
- गुनगुना पानी पिएं
- ब्लोअर या रूम हीटर का अत्यधिक उपयोग न करें
- हीटर बंद करने के तुरंत बाद ठंडी हवा में बाहर न निकलें


