
मुजफ्फरपुर: बिहार की राजनीति में 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने बड़ा और सख्त बयान दिया है। मुजफ्फरपुर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी आवास हर हाल में खाली करना होगा और लोकतंत्र में किसी को विशेष अधिकार नहीं मिल सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार संविधान से चलता है, किसी व्यक्ति या परिवार की इच्छा से नहीं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि यहां राजतंत्र नहीं, लोकतंत्र है। मां, बेटा और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए अलग-अलग सरकारी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो सकती।
सम्राट चौधरी ने कहा, “गुंडागर्दी करने वालों का स्थान जेल में है। सरकारी घर हर हाल में खाली होगा। धरती पर कोई ऐसा नहीं है जो सरकारी नियमों को रोक सके। जब जिम्मेदारी खत्म होगी तो आवास भी छोड़ना पड़ेगा।”
मुख्यमंत्री ने अपने उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि वे वर्षों तक अपने निजी घर में रहे हैं और मुख्यमंत्री बनने के बाद ही सरकारी आवास में आए। उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और जनता तय करेगी कि उनकी जिम्मेदारी समाप्त हो गई है, वे तत्काल सरकारी आवास छोड़कर अपने निजी घर चले जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता ही असली मालिक है और वही तय करती है कि मुख्यमंत्री आवास में कौन रहेगा। सरकारी संपत्ति पर किसी का स्थायी अधिकार नहीं हो सकता।
दरअसल, यह पूरा विवाद पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर चल रहा है। बिहार सरकार ने यह बंगला पशुपालन मंत्री Nand Kishore Ram को आवंटित कर दिया है, जबकि राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास 29 हार्डिंग रोड पर दिया गया है। इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद 10 सर्कुलर रोड आवास को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


