पटना | 02 मार्च, 2026: राजधानी पटना को स्मार्ट और ट्रैफिक-फ्री बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज खुद मोर्चा संभाला। सोमवार को मुख्यमंत्री ने शहर के दो सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स—सैदपुर और बाकरगंज भूमिगत नाला सह सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। सीएम ने साफ लहजे में अधिकारियों को निर्देश दिया कि काम में तेजी लाएं ताकि पटनावासियों को जलजमाव और जाम के दोहरे संकट से जल्द राहत मिल सके।
सैदपुर प्रोजेक्ट: राजेंद्र नगर से बाईपास तक का ‘शॉर्टकट’
सैदपुर नाले का कायाकल्प पटना के बड़े हिस्से के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सीएम ने अधिकारियों को इसके ऊपर बन रहे फोरलेन सड़क के काम को युद्धस्तर पर पूरा करने को कहा है।
- लागत और लंबाई: नगर विकास विभाग (बुडको) द्वारा ₹259.81 करोड़ की लागत से 5.61 किलोमीटर लंबे नाले का जीर्णोद्धार हो रहा है।
- कनेक्टिविटी: यह सड़क सैदपुर, राजेंद्र नगर, मुसल्लहपुर हाट, गायघाट और पहाड़ी क्षेत्र को सीधे न्यू पटना बाईपास से जोड़ेगी।
- फायदा: मुसल्लहपुर हाट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और शहर को एक खूबसूरत वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
बाकरगंज प्रोजेक्ट: अंटा घाट तक का सफर होगा सुगम
शहर के भीतर बाकरगंज नाला जल निकासी की रीढ़ माना जाता है। यहाँ उमा सिनेमा हॉल से लेकर अंटा घाट (गंगा नदी) तक 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण हो रहा है।
- उद्देश्य: नाले को भूमिगत कर ऊपर सड़क बनाने से भीतरी इलाकों का आवागमन आसान होगा।
- जलजमाव से राहत: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि निर्माण ऐसा हो कि मानसून के दौरान जल निकासी में कोई बाधा न आए और आवासीय इलाकों में पानी न जमा हो।
VOB का नजरिया: क्या डेडलाइन पर पूरा होगा काम?
मुख्यमंत्री का खुद जमीन पर उतरना यह दर्शाता है कि चुनाव और विकास के रोडमैप में पटना की ये आधारभूत संरचनाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं। सैदपुर नाले पर फोरलेन सड़क बनने से न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ेगी, बल्कि मुसल्लहपुर हाट में लगने वाले ‘महाजाम’ से छात्रों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब चुनौती बुडको के सामने है कि वह मुख्यमंत्री के “तेजी से कार्य पूर्ण करने” के निर्देश को कितनी गंभीरता से लेता है।


