
पटना, 20 जुलाई 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर बढ़ते जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने नासरीगंज घाट, गांधी घाट सहित अन्य संवेदनशील तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को हर स्तर पर सतर्क और तैयार रहने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि,
“बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संभावित परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें। निचले इलाकों की समीक्षा करें और किसी भी आपात स्थिति में SOP के अनुरूप तत्काल राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करें।”
प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा किनारे बसे निचले इलाकों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाए। प्रभावित लोगों को समय से आवास, भोजन, दवा, पीने के पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा
वर्तमान में नासरीगंज घाट, गांधी घाट, कलेक्ट्रेट घाट सहित कई स्थानों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी की धारा भी तेज हो गई है, जिससे कटाव और बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन चौकन्ना हो गया है।
DM और आपदा प्रबंधन टीमों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे NDRF/SDRF टीमों को अलर्ट मोड में रखें। साथ ही तटवर्ती गांवों में लाउडस्पीकर और मोबाइल अलर्ट सिस्टम के जरिये लोगों को सतर्क किया जाए।
यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश और नेपाल से आने वाली नदियों के जलप्रवाह के कारण बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक सतर्कता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


