भागलपुर। नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया है। में नगर निगम की स्थायी समिति बोर्ड और सामान्य बोर्ड के फैसलों के विरोध में मंगलवार को एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। यह भूख हड़ताल वार्ड संख्या–13 के पार्षद के नेतृत्व में की गई, जिसमें परवर्ती समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
भूख हड़ताल का मुख्य कारण की मेयर पर वार्ड संख्या–13 की लगातार उपेक्षा का आरोप बताया जा रहा है। पार्षद रंजीत मंडल का कहना है कि मेयर की ओर से उनके वार्ड में विकास कार्यों को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है।
विकास कार्यों में बाधा का आरोप
पार्षद रंजीत मंडल ने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने स्तर से वार्ड में कोई विकास कार्य कराने का प्रयास करते हैं, तो मेयर द्वारा उसका विरोध किया जाता है। इसके चलते वार्ड 13 में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को लेकर कई बार मेयर से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
पार्षद ने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के समय मेयर ने परवर्ती क्षेत्र को अपना “मायका” बताते हुए यहां सबसे अधिक विकास कराने का वादा किया था, लेकिन अब वह वादा सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित रह गया है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भूख हड़ताल पर बैठे लोगों ने मांग की कि वार्ड संख्या–13 में बिना किसी बाधा के विकास कार्यों को शुरू किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस भूख हड़ताल के बाद नगर निगम के भीतर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम प्रशासन और मेयर की ओर से इस विवाद पर क्या रुख अपनाया जाता है।


