बायोमेट्रिक ‘इन-आउट’ हाजिरी के बिना नहीं मिलेगा वेतन, शिवहर डीएम का सख्त निर्देश

बिहार के शिवहर जिले में सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यालयों में समय-पालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब सरकारी कर्मियों के वेतन भुगतान को उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ दिया गया है। यानी कर्मचारियों को कार्यालय आने और कार्यालय से जाने, दोनों समय बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि किसी कर्मचारी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ‘इन’ और ‘आउट’ हाजिरी दर्ज नहीं होती है, तो उसके वेतन भुगतान पर असर पड़ सकता है।

इस संबंध में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों के प्रधान और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, समय पर उपस्थिति और सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी कार्यालयों के कामकाज में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।

बायोमेट्रिक हाजिरी के आधार पर होगा वेतन भुगतान

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान को बायोमेट्रिक उपस्थिति से जोड़ने को लेकर लिया गया। जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि कर्मचारियों की मासिक उपस्थिति का रिकॉर्ड अब बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से देखा जाएगा और इसी के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचने के समय बायोमेट्रिक मशीन पर ‘इन’ और कार्यालय से निकलते समय ‘आउट’ हाजिरी दर्ज करनी होगी। केवल एक समय की उपस्थिति दर्ज कराने या निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने की स्थिति में उपस्थिति रिकॉर्ड अधूरा माना जा सकता है।

प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, समय पर कार्यालय आने और निर्धारित अवधि तक कार्यालय में मौजूद रहने की व्यवस्था भी मजबूत होगी।

जिनका पंजीकरण नहीं हुआ, उन्हें तत्काल रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ सरकारी कर्मियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे सभी कर्मचारियों को तत्काल अपना पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।

जिला प्रशासन ने सभी कार्यालय प्रधानों को जिम्मेदारी दी है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण सुनिश्चित कराएं। किसी कर्मचारी का पंजीकरण लंबित रहने की स्थिति में संबंधित कार्यालय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। इससे उपस्थिति से संबंधित किसी भी तरह की गड़बड़ी या अस्पष्टता को दूर किया जा सकेगा।

हर शनिवार बायोमेट्रिक डेटा सिंक करना होगा

बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी सरकारी कार्यालयों को नियमित रूप से अपना डेटा सिंक करने का निर्देश भी दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक शनिवार को बायोमेट्रिक डेटा अनिवार्य रूप से सिंक किया जाना चाहिए।

डेटा सिंक होने से कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड समय पर अपडेट किया जा सकेगा। इसके साथ ही, वेतन भुगतान की प्रक्रिया के दौरान उपस्थिति से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।

सभी कार्यालय प्रधानों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि उनके कार्यालय में बायोमेट्रिक डेटा समय पर अपडेट हो रहा है या नहीं। किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में भी संबंधित अधिकारी को तत्काल समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे।

फील्ड में जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी नियम तय

बैठक में प्रखंड और अंचल स्तर पर कार्यरत क्षेत्रीय कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी सीधे अपने कार्यक्षेत्र या पंचायत के लिए रवाना नहीं हो सकेंगे।

उन्हें किसी भी क्षेत्रीय कार्य के लिए निकलने से पहले अपने मूल कार्यालय में पहुंचकर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद ही वे निर्धारित क्षेत्र या पंचायत में सरकारी कार्य के लिए जा सकेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की भी कार्यालय स्तर पर उपस्थिति दर्ज हो। कई बार क्षेत्रीय कार्य का हवाला देकर कर्मचारी कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराते हैं। नई व्यवस्था के तहत इस तरह की स्थिति को रोकने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन का मानना है कि इससे फील्ड कर्मचारियों की गतिविधियों में भी पारदर्शिता आएगी और यह पता लगाया जा सकेगा कि कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने सरकारी दायित्वों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

कार्यालय प्रधानों को अनुपालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

कार्यालय प्रधानों को अपने अधीन काम करने वाले सभी कर्मियों की उपस्थिति पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी बिना उचित कारण के बायोमेट्रिक हाजिरी की प्रक्रिया से बाहर न रहे।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों को लागू करने में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सरकारी कार्यालयों में एक समान व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जारी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी जानबूझकर नियमों की अनदेखी करता है या बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने में लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का यह कदम सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक ओर जहां समय पर कार्यालय पहुंचने की आदत को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद भी है।

सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने की कोशिश

शिवहर जिला प्रशासन की ओर से बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य करने का फैसला सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। डिजिटल माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज होने से मैनुअल हाजिरी में होने वाली संभावित गड़बड़ियों को कम किया जा सकता है।

वेतन को उपस्थिति से जोड़ने की व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को अपनी हाजिरी को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। खास तौर पर ‘इन’ और ‘आउट’ दोनों समय उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होने से कार्यालय में कर्मचारियों के वास्तविक कार्य समय का रिकॉर्ड भी तैयार होगा।

अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिवहर जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में इस व्यवस्था को कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। फिलहाल जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद कार्यालय प्रधानों को अपने स्तर पर व्यवस्था दुरुस्त करने और सभी कर्मचारियों का बायोमेट्रिक पंजीकरण तथा डेटा सिंक सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों के अनुपालन में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

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