पटना| 24 नवंबर 2025: बिहार सरकार ने उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना (North Koel Reservoir Project) में तेजी लाते हुए भू-अर्जन (Land Acquisition) कार्य को मिशन मोड में पूरा करने का सख्त आदेश जारी किया है। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा गया कि भू-अर्जन का कार्य 15 दिसंबर 2025 तक हर परिस्थिति में पूरा होना चाहिए।
₹1367.61 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना झारखंड और बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय सिंचाई परियोजना है, जिसका सबसे बड़ा लाभ गया और औरंगाबाद जिलों के किसानों को मिलने वाला है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में बड़ा विस्तार होगा और कृषि उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री भी ले रहे प्रगति की समीक्षा
बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि —
“माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना की प्रगति पर नियमित रूप से नजर रख रहे हैं। इसलिए भू-अर्जन और कार्यान्वयन में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।”
उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि —
- भुगतान में आ रही किसी भी रुकावट को तुरंत दूर किया जाए
- भू-अर्जन की राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए ताकि परियोजना पर काम बिना बाधा के जारी रह सके।
जल संसाधन विभाग ने प्रस्तुत की परियोजना प्रगति रिपोर्ट
जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने पीपीटी के माध्यम से परियोजना की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की।
उन्होंने जानकारी दी —
- North Koel Right Main Canal का संयुक्त निरीक्षण पूरा हो चुका है।
- पोल शिफ्टिंग का कार्य तेज़ गति से जारी है।
- ADRI, पटना को Social Impact Assessment सहित सभी भुगतानों का निपटारा किया जा चुका है।
जमीन अधिग्रहण के आंकड़े
| जिला | लक्ष्य (हे.) | अब तक अधिग्रहण |
|---|---|---|
| औरंगाबाद | 41.251 हेक्टेयर | 27.080 हेक्टेयर अधिग्रहित |
| गया | 96.749 हेक्टेयर | 5.350 हेक्टेयर अधिग्रहित |
मुख्य सचिव ने गया जिले में अधिग्रहण की धीमी रफ्तार पर चिंता जताई और प्रगति तेज़ करने का सख्त निर्देश दिया।
बैठक में हुई उच्चस्तरीय उपस्थिति
समीक्षा बैठक में शामिल रहे —
- विशेष सचिव, वित्त विभाग — मुकेश कुमार लाल
- निदेशक (भू-अर्जन), राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग — कमलेश कुमार सिंह
- WABCOS के प्रतिनिधि
- अन्य वरिष्ठ अधिकारी
जबकि गया और औरंगाबाद के जिला पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
अगला लक्ष्य — समयबद्ध कार्य और निरंतर निगरानी
मुख्य सचिव ने स्पष्ट संकेत दिया कि —
- भू-अर्जन के बाद निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा
- परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी
- निर्धारित समयसीमा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा
उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना के पूर्ण होने पर दक्षिण बिहार के सिंचाई तंत्र को बड़ा लाभ मिलेगा और हजारों किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो जाएगी।


