पटना, 29 अगस्त।राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की विशेष बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।
मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक परिवार से किसी एक महिला को शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। राशि वितरण की शुरुआत 1 सितंबर से होगी। छह महीने बाद मूल्यांकन के आधार पर लाभार्थी महिला को अतिरिक्त 2 लाख रुपये की सहायता भी दी जाएगी।
इस योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास विभाग की निगरानी में होगा। विभाग जल्द ही इसकी विस्तृत मार्गदर्शिका जारी करेगा। महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के लिए हाट बाजार भी स्थापित किए जाएंगे।
सीएस ने कहा कि यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि पूरे परिवार की आय बढ़ाने में भी सहायक होगी। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा और राज्य से बाहर पलायन की मजबूरी भी कम होगी।
उन्होंने याद दिलाया कि राज्य सरकार 2005 से ही महिलाओं के लिए लगातार काम कर रही है –
- 2006 में पंचायत चुनाव में 50% आरक्षण,
- 2007 में नगर निकायों में 50% आरक्षण,
- 2016 में महिलाओं की मांग पर लागू हुई पूर्ण शराबबंदी,
- बालिका साइकिल, पोषाक, छात्रवृत्ति जैसी योजनाएँ,
- 11 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन और 1.40 करोड़ महिला सदस्य जुड़ीं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर परिवार की आय और जीवन स्तर दोनों को बेहतर बनाया जाए।


