मुख्यमंत्री ने ललित नारायण मिश्र संस्थान में प्रबंधन विकास केंद्र और बालिका छात्रावास का किया उद्घाटन

पटना, 19 अगस्त 2025।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना में प्रबंधन विकास केंद्र (एम०डी०सी०) और बालिका छात्रावास का विधिवत उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने शिलापट्ट का अनावरण और फीता काटकर दोनों भवनों को राज्य को समर्पित किया। इसके बाद उन्होंने छात्रावास और प्रबंधन विकास केंद्र का निरीक्षण किया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबंधन विकास केंद्र के निर्माण से संस्थान में प्रशिक्षण गतिविधियों को और सशक्त किया जा सकेगा। वहीं, नवनिर्मित छात्रावास से छात्राओं को सुरक्षित और आधुनिक सुविधा युक्त आवास उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें अध्ययन में सहूलियत मिलेगी।

कार्यक्रम में जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सह संस्थान के निदेशक डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार एवं कुमार रवि, बीएसईआईडीसी की प्रबंध निदेशक इनायत खान, पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. समेत कई वरीय अधिकारी, संस्थान के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

प्रबंधन विकास केंद्र (एम०डी०सी०)

संस्थान में प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस केंद्र का निर्माण किया गया है। इसमें 26 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें 52 लोगों के रहने की व्यवस्था है। प्रशिक्षण हॉल, आवासीय प्रशिक्षण हेतु डायनिंग हॉल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके निर्माण पर 4 करोड़ 99 लाख 97 हजार 400 रुपये की लागत आई है।

वातानुकूलित बालिका छात्रावास

संस्थान में काफी संख्या में बालिकाएं नामांकित हैं। उनकी सुविधा के लिए नया छात्रावास तैयार किया गया है। दो ब्लॉकों में बने इस छात्रावास में कुल 40 कमरे और 8 हॉल हैं, जिनमें 168 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। इसके निर्माण एवं उन्नयन पर भी 4 करोड़ 99 लाख 97 हजार 400 रुपये की लागत आई है।

संस्थान की पृष्ठभूमि

ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। वर्तमान में यहां प्रबंधन और कंप्यूटर से जुड़े कुल 10 कोर्स संचालित हो रहे हैं, जिनमें 1600 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। संस्थान का उद्देश्य राज्य में प्रबंधन शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण को नई दिशा देना है।

मुख्यमंत्री के इस उद्घाटन के साथ संस्थान को आधुनिक अवसंरचना और सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम पूरा हुआ है।


 

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