पटना, 23 अगस्त 2025।मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित हिन्दी सेवी सम्मान पुरस्कार (2023-24) वितरण समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (राजभाषा) की ओर से आयोजित किया गया।
समारोह में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय स्तर पर चयनित 12 साहित्यकारों और संस्थाओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया। पुरस्कार स्वरूप सभी विजेताओं को अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और नगद राशि प्रदान की गई।
मुख्य पुरस्कार इस प्रकार रहे :
- बाबा साहब अम्बेदकर पुरस्कार – अनुसूचित जाति/जनजाति समाज के उत्थान हेतु योगदान के लिए श्री जियालाल आर्य (₹5 लाख)।
- बी.पी. मंडल पुरस्कार – सृजनात्मक लेखन द्वारा सामाजिक समरसता को निरूपित करने हेतु डॉ. शिव नारायण (₹4 लाख)।
- नागार्जुन पुरस्कार – उपन्यास, कविता और आलोचना में विशिष्ट योगदान हेतु डॉ. महेन्द्र मधुकर (₹4 लाख)।
- फणीश्वरनाथ रेणु पुरस्कार – आंचलिक कथा लेखन के लिए श्री हृषीकेश सुलभ (₹4 लाख)।
- महादेवी वर्मा पुरस्कार – हिन्दी साहित्य की समृद्धि हेतु श्रीमती वंदना राग (₹1 लाख)।
- बाबू गंगाशरण सिंह पुरस्कार – अहिन्दी भाषी क्षेत्र में हिन्दी प्रचार हेतु डॉ. के. श्रीनिवास राव (₹1 लाख)।
- विद्याकर कवि पुरस्कार – हिन्दी प्रचार-प्रसार के लिए भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता (₹1 लाख)।
- विद्यापति पुरस्कार – मिथिलांचल की संस्कृति पर कार्य हेतु स्मृति शेष कीर्तिनारायण मिश्र (पुत्र अजय मिश्र ने प्राप्त किया) (₹1 लाख)।
- मोहन लाल महतो वियोगी पुरस्कार – मगध अंचल की संस्कृति पर उत्कृष्ट लेखन हेतु डॉ. कृष्ण कुमार सिंह (₹1 लाख)।
- भिखारी ठाकुर पुरस्कार – भोजपुर अंचल की संस्कृति पर लेखन हेतु श्रीराम तिवारी (₹1 लाख)।
- डॉ. ग्रियर्सन पुरस्कार – मैथिली भाषा पर उत्कृष्ट कार्य हेतु डॉ. इन्द्रकांत झा (₹1 लाख)।
- डॉ. फादर कामिल बुल्के पुरस्कार – हिन्दी भाषा और साहित्य में योगदान हेतु डॉ. श्रीभगवान सिंह (₹1 लाख)।
पुरस्कार वितरण के बाद मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर बिहार विधान परिषद के उपसभापति डॉ. रामवचन राय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं श्री कुमार रवि, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) उपेन्द्र प्रसाद, राजभाषा निदेशक श्री एस.एम. परवेज आलम समेत कई वरीय अधिकारी, साहित्यकार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


