छपरा, बिहार: बिहार के छपरा में जहरीली शराब के सेवन से हुई 5 लोगों की मौत के मामले में मद्य निषेध उत्पाद विभाग के ADG अमित जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर से इस मामले की मॉनिटरिंग कर रही है और अब तक मुख्य आरोपी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य अभियुक्त सूरज महतो गिरफ्तार
ADG अमित जैन के अनुसार, इस मामले में कुल 10 लोगों के नाम सामने आए थे, जिनमें से 6 को हिरासत में लिया गया है। मुख्य आरोपी सूरज महतो भी गिरफ्तार सूची में शामिल है। पुलिस की विशेष टीमें अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
शराब के सैंपल में मिला ‘मौत का जहर’
जांच टीम ने घटनास्थल से बरामद अवैध शराब के नमूनों को लैब में जांच के लिए भेजा। रिपोर्ट में पाया गया कि शराब में मिथाइल अल्कोहल मौजूद था। यह अत्यंत घातक रसायन है, जो सेवन करने पर आंखों की रोशनी चली जाने और अंगों की विफलता के कारण मौत का कारण बनता है।
कुल 4 मामले दर्ज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन ने मशरक थाना में 2 और पातेपुर थाना में 2 मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृत 5 लोगों में से 2 का पोस्टमार्टम कराया गया है, जबकि 3 शवों को प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
शराबबंदी के 9 साल और माफियाओं का दुस्साहस
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुए 9 साल हो चुके हैं, लेकिन शराब माफिया और तस्कर सक्रिय हैं। अवैध शराब का निर्माण और सप्लाई करने वाले सिंडिकेट आम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। राज्य के कई जिलों से समय-समय पर जहरीली शराब से मौत के मामले सामने आते रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय से सख्त कार्रवाई के निर्देश
छपरा कांड के मद्देनजर बिहार पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। ADG अमित जैन ने कहा:
“इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी जिलों को आदेश दिए गए हैं कि अवैध शराब निर्माण और तस्करी में लगे सिंडिकेट पर कड़ी कार्रवाई की जाए।”


