कैमूर पुलिस लाइन में गैस संकट: 150 जवानों का खाना तीन दिन से लकड़ी और उपले के चूल्हे पर तैयार

भभुआ, कैमूर: जिले के भभुआ पुलिस लाइन में पिछले तीन दिनों से गैस सिलेंडर की कमी के कारण करीब 150 सिपाहियों का भोजन पारंपरिक लकड़ी और उपले के चूल्हे पर बनाया जा रहा है। यह स्थिति पुलिस लाइन जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

जीविका दीदियों को चूल्हे पर काम करना पड़ रहा मुश्किल

भभुआ पुलिस लाइन के मेस में जीविका समूह की महिलाएं जवानों के लिए खाना बनाती हैं। गैस की कमी के कारण उन्हें मजबूरन पारंपरिक चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।

आरती देवी, जीविका दीदी, ने बताया:

“चूल्हे से निकलने वाले धुएं से काम करना कठिन हो जाता है और कई बार खाना बनाते समय हाथ भी जल जाता है। गैस सिलेंडर से खाना बनाने पर समय की बचत होती है और काम भी आसानी से हो जाता है।”

प्रशासन का कहना – कोई किल्लत नहीं

वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। इसके बावजूद भभुआ पुलिस लाइन में सिलेंडर नहीं मिलने की स्थिति सवाल खड़े कर रही है।

सरकारी व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल

नागाबाबा गैस गोदाम के संचालक का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए पहले नंबर लगाना पड़ता है और ओटीपी मिलने के बाद ही सिलेंडर उपलब्ध होता है। फिलहाल करीब 25 दिनों बाद नंबर मिल पा रहा है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जीविका समूह की महिलाएं प्रशासन से जल्द सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग कर रही हैं, ताकि मेस का संचालन सुचारू रूप से हो और जवानों को समय पर भोजन मिल सके।


 

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