नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद 31 दिसंबर तक बिना बिके सामान पर नया एमआरपी लगाया जा सकेगा; उपभोक्ताओं को कंपनियों को करना होगा अवगत
नई दिल्ली, 10 सितंबर।सरकार ने विभिन्न उत्पादों और सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की है, जो 22 सितंबर 2025 से लागू होगी। इसके साथ ही केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया है कि विनिर्माता, पैकर और आयातक 31 दिसंबर 2025 तक (या जब तक भंडार उपलब्ध रहे) पुराने स्टॉक पर नया एमआरपी (Maximum Retail Price) अंकित कर सकेंगे।
नया एमआरपी कैसे दिखाना होगा?
मंत्री ने कहा कि कंपनियों को संशोधित एमआरपी केवल जीएसटी में बदलाव के अनुसार ही बदलना होगा। इसके लिए —
- नया एमआरपी स्टिकर, स्टाम्प या ऑनलाइन प्रिंट के रूप में लगाया जा सकता है।
- उत्पाद पर पुराना एमआरपी भी अनिवार्य रूप से दिखाना होगा।
- कीमत में किसी भी प्रकार की वृद्धि या कमी केवल कर परिवर्तन के अनुरूप ही की जा सकेगी।
- उपभोक्ताओं को बदलाव की जानकारी विज्ञापनों और सार्वजनिक नोटिसों के माध्यम से दी जानी चाहिए।
वाहनों पर सेस होगा समाप्त
सरकार ने वाहनों पर लगाए जाने वाले क्षतिपूर्ति उपकर (सेस) को भी 22 सितंबर से समाप्त करने की घोषणा की है। फिलहाल वाहनों पर 28% जीएसटी लागू है, जो सबसे ऊंची कर दर है। इसके अतिरिक्त, वाहन की श्रेणी के अनुसार 1% से 22% तक का सेस वसूला जाता था।
नई दरें लागू होने के साथ ही कंपनियों के खातों में अनुमानित 2,500 करोड़ रुपये का संचित सेस भी समाप्त हो जाएगा।
उपभोक्ताओं को लाभ
नई जीएसटी दरों और सेस हटने के बाद उम्मीद है कि उपभोक्ताओं को वाहनों और अन्य उत्पादों की कीमतों में राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम न केवल बाजार को गतिशील बनाएगा, बल्कि उपभोक्ताओं के हित में भी है।


