
HIGHLIGHTS:
- बड़ी सफलता: रजौली के जंगली इलाकों से AK-47 राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद।
- गिरफ्तारी: डेलवा गांव का अजीत कुमार पुलिस के हत्थे चढ़ा; गिरोह के साथ मिलकर वसूलता था ‘लेवी’।
- हैरतअंगेज खुलासा: हथियार के बल पर मजदूरों का खाना तक छीन लेते थे अपराधी; दहशत का था माहौल।
- बरामदगी: AK-47 के अलावा 2 राइफल और सेना जैसी 3 सेट वर्दी (कैमोफ्लाइज) भी मिली।
नवादा पुलिस का ‘हंटर’: जंगलों में आतंक फैलाने वाले गैंग का खात्मा शुरू!
नवादा: बिहार के नवादा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस ने रजौली के जंगलों में सक्रिय एक खूंखार लेवी गिरोह के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। एसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न केवल एक शातिर अपराधी को दबोचा, बल्कि उसके पास से एके-47 (AK-47) जैसी अत्याधुनिक राइफल बरामद कर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। यह गिरोह न केवल ठेकेदारों से रंगदारी मांगता था, बल्कि जंगल में काम कर रहे गरीब मजदूरों को भूखा रखने तक की हैवानियत करता था।
हथियार/सामान | मात्रा |
|---|---|
AK-47 राइफल | 01 |
.315 बोर राइफल | 02 |
AK-47 कारतूस | 21 |
.315 बोर कारतूस | 10 |
मैगजीन | 02 |
कैमोफ्लाइज वर्दी (सेना जैसी) | 03 सेट |
एम्युनिशन पाउच | 03 |
मजदूरों का निवाला छीनने वाले ‘जंगली लुटेरे’
प्रेस वार्ता के दौरान एसपी अभिनव धीमान ने बताया कि पिछले कुछ समय से रजौली के जंगलों में अजीबोगरीब शिकायतें मिल रही थीं। असामाजिक तत्व हथियार के बल पर वहां काम कर रहे मजदूरों और राहगीरों का खाना तक छीनकर खा जाते थे।
- लेवी का खेल: पूछताछ में अजीत ने स्वीकार किया कि वह अपने संगठन के साथ मिलकर निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों से मोटी रकम वसूलता था।
- पुलिस का दबाव: पुलिस की बढ़ती सक्रियता को देख इन लोगों ने हथियारों को जमीन में छुपा दिया था, लेकिन सटीक ‘ह्यूमन इंटेलिजेंस’ के कारण वे बच नहीं सके।
गोविंदपुर से रजौली तक… गिरोह में हड़कंप!
बता दें कि यह नवादा पुलिस की लगातार दूसरी बड़ी कामयाबी है। महज 5 दिन पहले गोविंदपुर के जंगलों से भी भारी मात्रा में हथियार और 2 अपराधी पकड़े गए थे, जो शराब कारोबारियों से लेवी वसूलते थे। नवादा पुलिस की इन बैक-टू-बैक कार्रवाइयों से जंगली इलाकों में सक्रिय सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।
VOB का नजरिया: AK-47 की बरामदगी—एक गंभीर चेतावनी!
नवादा जैसे जिले के जंगलों में एके-47 का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि लेवी गिरोहों के पास अब अत्याधुनिक हथियार पहुँच रहे हैं। मजदूरों का खाना छीनना उनके हताश होने का संकेत हो सकता है, लेकिन पुलिस की वर्दी (कैमोफ्लाइज) का मिलना किसी बड़ी साजिश की ओर भी इशारा करता है। नवादा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर एक बड़े खतरे को टाल दिया है, लेकिन अब जांच का विषय यह होना चाहिए कि ये प्रतिबंधित हथियार इन गिरोहों तक पहुँच कहाँ से रहे हैं?


