चंदन मिश्रा हत्याकांड: शेरू गैंग का शूटर बलवंत मुठभेड़ में घायल, तौसीफ रिमांड पर; पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चंदन मिश्रा हत्याकांड के आरोपियों से भोजपुर में मुठभेड़, दो को गोली लगी, तीन गिरफ्तार; शूटरों का शेरू गैंग से कनेक्शन उजागर

भोजपुर/पटना, 22 जुलाई:राजधानी पटना के पारस अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के बाद से फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंगलवार सुबह भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहिया-कटेया पथ पर पुलिस और एसटीएफ की टीम की अपराधियों से भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो अपराधियों को गोली लगी है और तीन को गिरफ्तार किया गया है।

घटना सुबह करीब 5:45 बजे की बताई जा रही है, जब पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध अपराधी नदी के पास छिपे हैं। पुलिस ने घेराबंदी की, जिसके जवाब में अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो अपराधी – बलवंत कुमार (22 वर्ष), निवासी लीलाधरपुर परसिया, बक्सर और रविरंजन कुमार सिंह (20 वर्ष), निवासी चकरही, बिहिया – को गोली लगी। बलवंत को हाथ और पैर में तथा रविरंजन को जांघ में गोली लगी है। दोनों को पहले बिहिया अस्पताल लाया गया, फिर वहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। साथ ही अभिषेक कुमार को भी मौके से गिरफ्तार किया गया।

बलवंत कुमार की भूमिका: गैंग के मुख्य कड़ी के रूप में उभरा नाम

सूत्रों के मुताबिक, बलवंत कुमार चंदन मिश्रा हत्याकांड में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। उसने पांच शूटरों को लेकर पारस अस्पताल पहुंचाया था और मुख्य आरोपी तौसीफ उर्फ बादशाह सहित कई शूटरों को 10 पिस्टल भी मुहैया कराए थे। बलवंत का सीधा संपर्क शेरू सिंह से था, जो इस समय पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार, बलवंत शेरू के इशारे पर ही काम कर रहा था और शूटरों को 5-5 लाख रुपये देने की बात कही गई थी।

तौसीफ की गिरफ्तारी और रिमांड

इससे पहले सोमवार को मुख्य शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह सहित चार आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर पटना लाया गया। तौसीफ ने गिरफ्तारी से पहले अपनी पहचान छुपाने के लिए दाढ़ी कटवा ली थी। न्यायालय ने उसे 72 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अभी भी कई आरोपी फरार, पुलिस की छापेमारी जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड से जुड़े कई और अपराधी अभी फरार हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस मामले में गैंगस्टर नेटवर्क, जेल से संचालित साजिशें और हथियारों की आपूर्ति की पूरी कड़ी का खुलासा होने की संभावना है।


 

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