
पटना। पारस अस्पताल में कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब अंतरराज्यीय गैंग की ओर बढ़ गई है। मामले में बंगाल के पुरूलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी शेरू सिंह उर्फ ओंकारनाथ सिंह से पूछताछ की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेरू ने माना है कि यह साजिश बिहार की एक जेल में रची गई थी, जहां उसका एक विश्वस्त शार्गिद बंद है। अब पुलिस उस आरोपी से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।
गैंगवार में चंदन की हत्या, शूटरों की तलाश जारी
बिहार पुलिस के अनुसार, यह हत्याकांड वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। चंदन मिश्रा और शेरू सिंह पहले सहयोगी थे, बाद में दोनों के बीच दुश्मनी गहराती गई। वर्ष 2011 में दोनों के नाम कई हत्याकांडों में सामने आए थे। हाल में आरा के तनिष्क लूटकांड में भी शेरू का नाम उजागर हुआ था। फिलहाल वह नेपाल से गिरफ्तारी के बाद बंगाल की पुरूलिया जेल में बंद है।
पटना पुलिस की टीमें लगातार शूटरों की गिरफ्तारी के लिए बिहार और सीमावर्ती राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने अधिकांश शूटरों की पहचान कर ली है। कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि एक-दो अभी फरार हैं।
शूटरों के मददगारों की होगी गिरफ्तारी: एडीजी
एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि चंदन मिश्रा की हत्या में शामिल शूटरों को आश्रय देने वालों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने बताया कि अपराधियों को ठहराने, खाने-पीने, हथियार और गाड़ी उपलब्ध कराने वाले सहयोगियों पर भी कार्रवाई होगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रूट और संपर्कों की भी जांच हो रही है।
डीजीपी ने की मामले की उच्चस्तरीय समीक्षा
राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने शुक्रवार को पटना जोन के आईजी जितेंद्र राणा और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के साथ हत्याकांड में हुई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में एसआईटी के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, जांच को लेकर रणनीति और आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला बिहार की आपराधिक गिरोहों के आपसी टकराव और जेलों से संचालित हो रहे नेटवर्क की खतरनाक हकीकत को उजागर करता है। पुलिस की आगे की कार्रवाई इस मामले को निर्णायक मोड़ तक पहुंचा सकती है।


