
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के साइबर थाना में तैनात 2020 बैच की प्रशिक्षु दारोगा ने निजी आवास में अपनी जान दे दी है. वह पटना के श्रीकृष्णानगर की रहने वाली थी. ट्रेनिंग के बाद बीते 21 जून को उसकी साइबर थाना में पोस्टिंग हुई थी. घटना गुरुवार की है. इस घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
साइबर थाना की ट्रेनी महिला एसआई ने की खुदकुशी : महिला दारोगा ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है. दारोगा ने जिले के लक्ष्मी नारायण नगर में अपने किराए के आवास में सुबह सात बजे आत्महत्या कर ली. जानकारी के बाद उनके पुरुष मित्र ने जेल में तैनात सिपाही रोहित सिंह को कॉल करके सूचना दी. साथ ही पटना में रह रहे प्रशिक्षु दारोगा के परिवार वालों को इसकी सूचना दी।
प्रशिक्षु महिला दारोगा ने क्यों की खुदकुशी? : सूचना के बाद मिठनपुरा थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची. इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सिटी एसपी अवधेश सरोज दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घटना के संबंध में साइबर थाने की टीम और मृतका के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली. पुलिस ने मृतका के पिता राजनंदन प्रसाद का बयान दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
“अभी हाल में एक प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर की साइबर थाने में पोस्टिंग हुई थी. उन्होंने आत्महत्या कर ली है. मामले की छानबीन की जा रही है. हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. परिवारवालों को भी किसी पर शक नहीं है.” – अवधेश दीक्षित, सिटी एसपी
4 दिन पहले ही साइबर थाने में हुई थी पोस्टिंग : बताया जाता है कि साल 2020 बैच की प्रशिक्षु महिला दारोगा दीपिका कुमारी (28) मुजफ्फरपुर के साइबर थाने में तैनात थी. ट्रेनी एसआई की चार दिन पहले ही ट्रेनिंग खत्म हुई थी. जिसके बाद उसकी पोस्टिंग मुजफ्फरपुर के साइबर थाने में हुई थी।
सिपाही से सब इंस्पेक्टर बनी थी दीपिका : इधर परिवारवालों ने बताया कि दीपिका कुमारी दारोगा बनने से पहले सिपाही के पद पर तैनात थी. वो शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, रोसड़ा और हाजीपुर जेल में तैनात थी. दारोगा की नौकरी लगने के बाद से उसने अपने सिपाही के पद से इस्तीफा दे दिया था।
”चार दिन पहले ही दीपिका की साइबर थाने में तैनाती हुई थी. हम लोग मुजफ्फरपुर गए थे. सुबह उसकी मां (संगीता देवी) को फोन आया था, उसकी मां को बताया था कि वो बहुत तनाव में है. करीब एक घंटे बाद उसके दोस्त का फोन आया कि दीपिका ने जहर खा लिया है. उसे लेकर हम लोग जूरन छपरा एक निजी अस्पताल पहुंचे है.” – राज नंदन प्रसाद, दीपिता के पिता
ऑटो चलाते है दीपिका के पिता : वहीं दीपिका के पिता राज नंदन प्रसाद ऑटो चलाते हैं. उनके परिवार में तीन बहने और एक भाई है. बड़ी बहन टीचर है, दूसरी गृह मंत्रालय में तैनात है, दीपिका तीसरे नंबर की बेटी थी, जबकि एक और बहन झारखंड मिलिट्री पुलिस में तैनात थी, फिलहाल उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।


