श्रावणी मेला से पहले बाईपास थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 153 लीटर विदेशी शराब के साथ चालक गिरफ्तार

भागलपुर। श्रावणी मेला शुरू होने से पहले भागलपुर पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बाईपास थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 153 लीटर विदेशी शराब की खेप बरामद की है। शराब को एक चारपहिया वाहन के जरिए बिहार लाया जा रहा था। पुलिस ने वाहन को जब्त करने के साथ ही उसके चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को शराब की खेप झारखंड से बिहार के खगड़िया जिले तक पहुंचाए जाने की जानकारी मिली है। मामले में पुलिस अब शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

गिरफ्तार चालक की पहचान झारखंड के गोड्डा जिले के पौड़ेया थाना क्षेत्र के बासमुंडी गांव निवासी इमामुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पिता का नाम हारुन अंसारी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप किस व्यक्ति के कहने पर लाई जा रही थी और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

बाईपास थाना अध्यक्ष चनवीर यादव ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से विदेशी शराब की एक बड़ी खेप बिहार की सीमा में प्रवेश कराई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले जानकारी का सत्यापन किया। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की और टाटा शोरूम के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया।

पुलिस टीम संदिग्ध वाहन के आने का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार वहां से गुजरती दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने वाहन को रुकने का संकेत दिया। हालांकि, पुलिस को देखकर चालक ने वाहन रोकने के बजाय वहां से निकलने का प्रयास किया। पुलिस टीम को संदेह होने पर जवानों ने तत्काल उसका पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस ने चालक को पकड़ लिया। इसके बाद वाहन को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली गई।

वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मिली। जांच के दौरान कार से कुल 17 कार्टन बरामद किए गए। इन कार्टनों में अलग-अलग ब्रांड की शराब रखी हुई थी। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब में रॉयल स्टैग ब्रांड की 375 मिलीलीटर क्षमता वाली 360 बोतलें शामिल थीं। इसके अलावा इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की 375 मिलीलीटर क्षमता वाली 48 बोतलें भी बरामद की गईं। दोनों ब्रांड की शराब को मिलाकर कुल मात्रा 153 लीटर बताई गई है।

पुलिस ने शराब की पूरी खेप और उसे ले जाने में इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट डिजायर कार को जब्त कर लिया है। बरामद शराब को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपी को भी मामले में नामजद करते हुए उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वाहन में शराब किस स्थान से लोड की गई थी और इसे बिहार में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार चालक ने पुलिस को बताया कि वह केवल वाहन चलाने का काम करता था। उसके अनुसार, शराब की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए उसे प्रत्येक ट्रिप के बदले 5000 रुपये पारिश्रमिक दिया जाता था। पुलिस अब उसके इस बयान की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि चालक की भूमिका वास्तव में केवल वाहन चलाने तक सीमित थी या वह शराब तस्करी के नेटवर्क के बारे में पहले से पूरी जानकारी रखता था।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि शराब की खेप झारखंड के गोड्डा जिले से लोड की गई थी। इसके बाद इसे बिहार के खगड़िया जिले तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, खगड़िया में शराब की खेप किस व्यक्ति को दी जानी थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पुलिस अभी विस्तृत जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि गिरफ्तार चालक से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सकती है।

विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि पुलिस ने बरामद विदेशी शराब के साथ वाहन को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार चालक से लगातार पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि शराब की तस्करी के पीछे काम करने वाले मुख्य लोगों तक पहुंचा जाए और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, केवल शराब की खेप पकड़ना ही पुलिस की कार्रवाई का अंतिम उद्देश्य नहीं है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का संचालन कौन कर रहा है और इसके लिए किन-किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। गिरफ्तार चालक से मिली जानकारी के आधार पर संभावित तस्करों और सप्लायरों की पहचान की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

श्रावणी मेला के मद्देनजर पुलिस की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवरियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना भी पुलिस की प्राथमिकता में शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस द्वारा लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध वाहनों को रोककर उनकी जांच की जा रही है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मेला अवधि में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को रोकने के लिए पुलिस बल को विशेष रूप से सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई को श्रावणी मेला से पहले अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के कारण शराब की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई करती रही है। झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों से शराब की खेप बिहार में लाने की कोशिशों को रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।

बाईपास थाना पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ है कि तस्कर शराब की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए निजी चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर सकती है कि जब्त वाहन का इस्तेमाल पहले भी किसी अन्य खेप को पहुंचाने के लिए किया गया था या नहीं। वाहन से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए संदिग्ध वाहन को रोकने और उसकी तलाशी लेने में सफलता हासिल की। चालक द्वारा भागने का प्रयास किए जाने के बाद पुलिस की सतर्कता के चलते उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। इसके बाद वाहन की तलाशी में शराब की बड़ी खेप बरामद हुई।

पुलिस अब गिरफ्तार चालक के मोबाइल फोन, संपर्क में रहने वाले लोगों और शराब की खेप से जुड़े अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच कर सकती है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मुख्य लक्ष्य शराब की सप्लाई चेन को तोड़ना और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को कानून के दायरे में लाना है।

श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में शराब तस्करी सहित अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। बाईपास थाना पुलिस की यह कार्रवाई इसी व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी रखी है। 153 लीटर विदेशी शराब और वाहन की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो इस तस्करी के पीछे हो सकते हैं। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। श्रावणी मेला को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहन जांच और निगरानी अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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