नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए आम बजट में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने निजी इस्तेमाल के लिए विदेश से आयात किए जाने वाले सामानों पर लगने वाली प्रशुल्क दर (Duty Rate) को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह दर 20 प्रतिशत थी।
इस फैसले से उन लोगों को सीधा फायदा मिलेगा जो विदेशों से महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन प्रोडक्ट्स, गैजेट्स या अन्य उपयोगी वस्तुएं अपने लिए लेकर आते हैं। कम शुल्क के कारण अब ऐसी खरीदारी पहले के मुकाबले सस्ती पड़ेगी।
उपभोक्ताओं की जेब पर कम पड़ेगा बोझ
अब तक विदेश से लाए जाने वाले निजी सामानों पर 20 फीसदी शुल्क लगने के कारण उनकी कीमत काफी बढ़ जाती थी। खासकर मोबाइल, लैपटॉप, ब्रांडेड कपड़े, घड़ियां और अन्य प्रीमियम उत्पाद आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाते थे।
सरकार के इस कदम से—
- आयातित वस्तुएं सस्ती होंगी
- उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता बढ़ेगी
- अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदारी को बढ़ावा मिलेगा
विदेश से खरीदारी होगी आसान
शुल्क दर घटने के बाद यात्रियों के लिए विदेश से पसंदीदा सामान लाना पहले से आसान हो जाएगा। इससे पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय शॉपिंग से जुड़े उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला डिजिटल गैजेट्स और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स के बाजार में सकारात्मक असर डालेगा।
घरेलू उद्योग का भी रखा गया ध्यान
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस छूट से घरेलू उद्योग को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। बजट में ‘मेक इन इंडिया’ और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अलग से कई प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की गई है।
नीति निर्माताओं का कहना है कि—
- स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को संरक्षण मिलेगा
- रोजगार सृजन पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा
- आयात और घरेलू उत्पादन के बीच संतुलन बनाया जाएगा
कुल मिलाकर, आयात शुल्क में यह कटौती उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है, जबकि सरकार ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है।


