निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया बजट, जॉब–किसान–आम आदमी पर फोकस
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश किया। बजट भाषण की शुरुआत उन्होंने माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर के उल्लेख से की। इस दौरान उन्होंने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने स्पीकर से कहा—
“सर, आपकी अनुमति से मैं 16वें फाइनेंस कमीशन की रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत करना चाहती हूं।”
सिर्फ आंकड़ों का बजट नहीं, भविष्य का रोडमैप
सीतारमण ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप है। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष पहले जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, तब देश की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से घिरी थी, लेकिन आज भारत एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की आत्मनिर्भर भारत नीति ने घरेलू उत्पादन को नई गति दी है।
- मेक इन इंडिया
- स्टार्टअप इंडिया
- पीएलआई स्कीम
जैसी योजनाओं से उद्योग को बढ़ावा मिला और रोजगार के नए अवसर बने।
वैश्विक संकट में भी भारत ने दिखाई मजबूती
सीतारमण ने कहा कि कोविड महामारी और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद भारत ने मजबूती दिखाई। देश ने लचीलापन और स्थिरता के साथ विकास की राह को बनाए रखा।
7% ग्रोथ, यूनिवर्सल सर्विस पर फोकस
उन्होंने बताया कि सरकार की यूनिवर्सल सर्विस नीति से देश ने लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। सरकार दीर्घकालिक निवेश और वैश्विक बाजारों से तालमेल के साथ आगे बढ़ रही है।
विकसित भारत की ओर कदम
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास है, जिसमें गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग सभी को साथ लेकर चलना है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह बजट विकसित भारत के विजन की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित होगा और आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।


