त्योहारों पर बीएसआरटीसी बसों का जलवा: एक महीने में 73 हजार यात्रियों ने किया सफर, 94% सीटें रहीं फुल

पटना: त्योहारों के दौरान ट्रेनों में सीटों की कमी और बढ़े हुए किराए से जूझ रहे प्रवासी कामगारों के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की अंतरराज्यीय बस सेवा बड़ी राहत बनकर उभरी है। निगम द्वारा संचालित 118 एसी सीटर और स्लीपर बसों ने यात्रियों को सस्ती और आरामदायक यात्रा का विकल्प दिया।

होली और ईद के अवसर पर चलाए गए विशेष बस अभियान के तहत 23 फरवरी से 23 मार्च के बीच एक महीने में 73 हजार से अधिक यात्रियों ने इन बसों में सफर किया। इस दौरान औसत सीट ऑक्युपेंसी 94 प्रतिशत रही, जो इस सेवा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

दिल्ली-मुजफ्फरपुर रूट सबसे आगे

आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा यात्री दिल्ली-मुजफ्फरपुर रूट पर दर्ज किए गए, जहां 29 हजार से अधिक लोगों ने यात्रा की। इसके बाद दरभंगा-गुरुग्राम रूट पर 7,500 से अधिक, गया-दिल्ली पर 7,100 से ज्यादा और पूर्णिया-दिल्ली रूट पर करीब 5,440 यात्रियों ने सफर किया।

पटना-दिल्ली और दरभंगा-पानीपत रूट पर भी करीब 5-5 हजार यात्रियों ने बस सेवा का लाभ उठाया।

अन्य रूटों पर भी अच्छी मांग

अन्य प्रमुख रूटों पर भी यात्रियों की संख्या उल्लेखनीय रही:

  • पूर्णिया-गुरुग्राम: 4,300+ यात्री
  • पटना-गुरुग्राम: करीब 3,000
  • दरभंगा-दिल्ली: 1,500+
  • पूर्णिया-अंबाला: 1,460+
  • दरभंगा-अंबाला: 1,260+
  • गया-गुरुग्राम: लगभग 900
  • पटना-अंबाला: करीब 800

प्रवासियों के लिए बनी राहत

बीएसआरटीसी के अनुसार, त्योहारों के दौरान घर आने-जाने वाले प्रवासियों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं रही। बसों का किराया ट्रेनों की तुलना में काफी किफायती रहा, जिससे यात्रियों को आर्थिक राहत मिली। साथ ही, इससे रेलवे पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कुछ हद तक कम हुआ।


 

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