मुजफ्फरपुर | 02 मार्च, 2026: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। रंगों के त्योहार होली की खुशियां मनाने अपनी बुआ के घर आई एक नाबालिग बच्ची दरिंदगी का शिकार हो गई। गांव के ही दो हैवानों ने मासूमियत को तार-तार करते हुए सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की घटना को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है, लेकिन बच्ची की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
खुशियां मातम में बदलीं: बहला-फुसलाकर ले गए सुनसान जगह
घटना मुजफ्फरपुर के एक ग्रामीण इलाके की है। पीड़ित बच्ची अपनी रिश्तेदारी में होली का जश्न मनाने और छुट्टियां बिताने बड़े उत्साह के साथ पहुँची थी।
- साजिश: बताया जा रहा है कि बुआ के ही गांव के दो युवकों ने बच्ची को अकेला देख उसे अपनी बातों में फंसा लिया।
- वारदात: आरोपी उसे बहला-फुसलाकर गांव के बाहर एक सुनसान और निर्जन स्थान पर ले गए। वहां दोनों ने बारी-बारी से बच्ची के साथ घिनौना काम किया।
- बेबसी: हैवानियत की हदें पार करने के बाद आरोपी बच्ची को लहूलुहान और मरणासन्न हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए।
सदमे में मासूम: अस्पताल में चल रहा है इलाज
किसी तरह हिम्मत जुटाकर बच्ची रोते-बिलखते अपने घर पहुँची। अपनी आपबीती सुनाते-सुनाते वह गहरे सदमे (Shock) में चली गई और बेहोश होकर गिर पड़ी।
- आपातकालीन स्थिति: परिजनों ने बिना वक्त गंवाए उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी देखरेख कर रही है।
- मेडिकल जांच: पुलिस की मौजूदगी में बच्ची का मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) कराया जा रहा है ताकि कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए जा सकें।
पुलिसिया कार्रवाई: ‘नो टॉलरेंस’ मोड में प्रशासन
मामले की जानकारी मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस हरकत में आई। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर छापेमारी दल का गठन किया गया।
- त्वरित गिरफ्तारी: पुलिस ने तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूचना के आधार पर कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
- कठोर कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जघन्य अपराध के लिए स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
VOB का नजरिया: समाज के माथे पर कलंक
होली का त्योहार भाईचारे और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन मुजफ्फरपुर की इस घटना ने समाज के भीतर छिपी गंदगी को उजागर कर दिया है। एक बच्ची जो मेहमान बनकर आई थी, उसके साथ ऐसी दरिंदगी यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे गाँव अब कितने असुरक्षित होते जा रहे हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि ऐसे दरिंदों को समाज में कोई जगह न मिले और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।


