
पटना। बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में करीब 21 किलो से अधिक ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस अवैध कारोबार में पुलिस विभाग का ही एक सिपाही शामिल पाया गया है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
दो तस्कर गिरफ्तार, पुराने कनेक्शन भी आए सामने
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों—जितेंद्र कुमार और नीतीश कुमार—को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि जितेंद्र पहले भी ड्रग्स तस्करी के मामलों में पकड़ा जा चुका है, जिससे उसके पुराने आपराधिक संबंधों की पुष्टि होती है।
अलग-अलग ठिकानों से मिली बड़ी खेप
पुलिस को शहर के कई इलाकों में छापेमारी के दौरान नशीले पदार्थों की खेप मिली। खास तौर पर आलमगंज इलाके से अतिरिक्त मात्रा में ब्राउन शुगर बरामद की गई। बताया जा रहा है कि तस्करों ने शहर के एक मकान को गोदाम बना रखा था, जहां से ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी।
सिपाही की भूमिका ने बढ़ाई चिंता
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि बिहार पुलिस का सिपाही ऋषिकेश कुमार इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था। आरोप है कि वह बाहर के राज्यों से ड्रग्स मंगवाने और पैसों के लेन-देन में अहम भूमिका निभाता था। फिलहाल वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
कैश, हथियार और दस्तावेज बरामद
पुलिस को आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, पिस्टल और देसी हथियार भी मिले हैं। इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बड़े सिंडिकेट की आशंका, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता है, लेकिन जांच अभी शुरुआती चरण में है। आशंका है कि इस सिंडिकेट में और भी बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, इस कार्रवाई ने न सिर्फ पटना बल्कि पूरे बिहार में ड्रग्स तस्करी के बढ़ते नेटवर्क को उजागर किया है। अब पुलिस की अगली चुनौती इस गिरोह के पूरे तंत्र को ध्वस्त करना और इसमें शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाना है।


