डुमरिया। गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते की एक बेहद मार्मिक तस्वीर डुमरिया प्रखंड से सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। मध्य विद्यालय बसडीहा के प्रिंसिपल राजेंद्र प्रसाद के सेवानिवृत्त होने पर आयोजित सम्मान-सह-विदाई समारोह में छात्राओं का भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
“सर, हमें छोड़कर मत जाइए…”
31 जनवरी को लंबे सेवाकाल के बाद जैसे ही राजेंद्र प्रसाद विद्यालय से विदा होने लगे, कई छात्राएं खुद को संभाल नहीं सकीं। वे अपने प्रिय प्रिंसिपल से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगीं और बार-बार यही कहती रहीं— “सर, हमें छोड़कर मत जाइए।”
इस भावुक पल को देख वहां मौजूद शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीणों की भी आंखें भर आईं।
खुद भी नहीं रोक पाए आंसू
छात्राओं की आंखों से बहते आंसुओं को देखकर प्रिंसिपल राजेंद्र प्रसाद भी भावुक हो उठे। उन्होंने बच्चों को गले लगाया और खुद भी रो पड़े। विद्यालय परिसर कुछ देर के लिए भावनाओं से भर गया।
सादगी और अपनापन बना पहचान
बताया जाता है कि राजेंद्र प्रसाद वर्षों से इस विद्यालय में सेवाएं दे रहे थे। उनकी सादगी, सरल स्वभाव और बच्चों के प्रति अपनापन ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। वे पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास का पाठ भी पढ़ाते थे।
होमवर्क न करने पर डांटने के बजाय वे प्यार से समझाते और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
शिक्षक का महत्व फिर हुआ उजागर
उनकी विदाई के वक्त छात्राओं की यह प्रतिक्रिया यह बताने के लिए काफी है कि एक सच्चा शिक्षक बच्चों के दिलों में कितना गहरा स्थान बना लेता है। यह घटना गुरु-शिष्य के उस अटूट रिश्ते का प्रतीक बन गई है, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो समाज को यह याद दिला रहा है कि एक अच्छा शिक्षक सिर्फ पढ़ाता ही नहीं, बल्कि जीवन बनाता है।


