
भोजपुर/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने भोजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गड़हनी अंचल कार्यालय में पदस्थापित एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कर्मचारी जमीन के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के लिए एक शिक्षक से 3500 रुपये की घूस मांग रहा था।
शिक्षक की शिकायत पर बिछाया गया जाल
गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो औरंगाबाद जिले के आधार बिगहा गांव का निवासी है और वर्तमान में गड़हनी अंचल कार्यालय में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार, उदवंतनगर थाना क्षेत्र के एडौरा गांव निवासी शिक्षक राजेंद्र राम ने अपनी पत्नी हेवंती देवी के नाम पर ढाई डिसमिल जमीन खरीदी थी। जमीन का दाखिल-खारिज कराने के लिए उन्होंने कई बार ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन हर बार आवेदन को किसी न किसी कारण से निरस्त कर दिया जाता था।
काम कराने के बदले मांगी रिश्वत
आरोप है कि राजस्व कर्मचारी जितेंद्र कुमार ने आवेदन स्वीकृत करने के बदले 3500 रुपये की मांग की। लगातार परेशान होने के बाद शिक्षक ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की।
शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और मंगलवार को गड़हनी अंचल कार्यालय में छापेमारी की। जैसे ही आरोपी कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 3500 रुपये लिए, निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
कार्यालय में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से गड़हनी अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया। अधिकारी अब आरोपी की अन्य गतिविधियों और संभावित भ्रष्टाचार के मामलों की भी जांच कर रहे हैं।
क्या बोले निगरानी अधिकारी?
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक की शिकायत सही पाई गई थी। सत्यापन के बाद पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की गई और आरोपी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और निगरानी विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों से रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


