बिहार में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा महंगा, पूरे राज्य में लगेगा हाईटेक कैमरों का जाल

पटना: बिहार में अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना पहले से कहीं ज्यादा महंगा पड़ने वाला है। राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत शहरों से लेकर ग्रामीण सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों, बड़े पुलों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों तक कैमरों की निगरानी रहेगी और नियम तोड़ने वालों का स्वतः ई-चालान कटेगा।

पूरे बिहार में लागू होगी कैमरा आधारित निगरानी

अब तक ई-चालान की व्यवस्था मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित थी, लेकिन नई योजना के बाद इसका विस्तार पूरे बिहार में किया जाएगा। परिवहन विभाग का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय बोझ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लागू किया जाएगा। इसके तहत कैमरे और तकनीकी उपकरण लगाने वाली निजी एजेंसी को ई-चालान से प्राप्त राजस्व का निर्धारित हिस्सा कमीशन के रूप में दिया जाएगा। इससे सरकार को अलग से भारी निवेश नहीं करना पड़ेगा।

दो चरणों में लागू होगी योजना

आईटीएमएस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

  • पहला चरण: 200 महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्था लागू होगी।
  • दूसरा चरण: 300 अतिरिक्त स्थानों को जोड़ा जाएगा।

इस प्रकार राज्यभर के 500 प्रमुख स्थानों पर हाईटेक कैमरे और निगरानी उपकरण लगाए जाएंगे।

इनमें शामिल होंगे:

  • राष्ट्रीय राजमार्ग (NH)
  • राज्य राजमार्ग (SH)
  • बड़े पुल
  • प्रमुख चौराहे
  • दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट

पटना में बनेगा अत्याधुनिक कंट्रोल सेंटर

पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए पटना में एक राज्य स्तरीय ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा सभी 38 जिलों में जिला स्तरीय निगरानी केंद्र बनाए जाएंगे।

कैमरों से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर नियम उल्लंघन की स्थिति में स्वतः ई-चालान जारी किया जाएगा। इससे कार्रवाई तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित होगी।

इन नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कटेगा ई-चालान

नई व्यवस्था के तहत निम्नलिखित मामलों में स्वचालित चालान जारी होगा:

  • ओवरस्पीडिंग
  • रेड लाइट जंपिंग
  • बिना हेलमेट वाहन चलाना
  • सीट बेल्ट नहीं लगाना
  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल
  • गलत दिशा में वाहन चलाना
  • ट्रिपल राइडिंग
  • अवैध पार्किंग

दस्तावेजों की भी होगी डिजिटल जांच

आईटीएमएस केवल ट्रैफिक नियमों की निगरानी ही नहीं करेगा, बल्कि वाहनों के जरूरी दस्तावेजों की भी जांच करेगा।

यदि किसी वाहन का:

  • फिटनेस सर्टिफिकेट
  • बीमा (Insurance)
  • प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC)
  • परमिट

अमान्य या समाप्त पाया जाता है, तो संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ भी ई-चालान जारी किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

परिवहन विभाग का मानना है कि कैमरा आधारित निगरानी से वाहन चालक नियमों का अधिक पालन करेंगे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीक आधारित ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली देश और दुनिया के कई हिस्सों में सफल साबित हुई है।

बिहार सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक की मदद से यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि सड़क हादसों पर नियंत्रण पाया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।

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