मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: 4 लोगों की दर्दनाक मौत, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक निजी अस्पताल में लगी भीषण आग ने चार लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को तत्काल चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में अचानक आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में लपटों और धुएं ने कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय अस्पताल में मरीज, उनके परिजन और कर्मचारी मौजूद थे। धुआं फैलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

दमकल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। पुलिस और जिला प्रशासन की टीमों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में भाग लिया। अस्पताल में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

चार मौतों की पुष्टि, कई घायल

इस हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मृतकों के परिजनों को मिलेगा 4-4 लाख रुपये

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मुआवजे की राशि जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जाए।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर का यह हादसा एक बार फिर निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय तक नहीं मिला।

फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।

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