खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ी वारदात: जहानाबाद के मालहचक में घरेलू विवाद में विवाहिता के साथ बर्बरता।
- पीड़ित: पूनम देवी का जहानाबाद सदर अस्पताल में चल रहा है इलाज।
- विवाद की जड़: मायके से लौटने पर कमरे की चाबी न मिलने पर महिला ने तोड़ा था ताला।
- आरोप: पति रूपेश कुमार, भैंसुर और गोतनी पर कमरे में बंद कर पीटने का आरोप।
जहानाबाद: रिश्तों की डोर जब कमजोर पड़ती है, तो घर ही टॉर्चर रूम बन जाता है। जहानाबाद जिले के मालहचक से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक विवाहिता को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया क्योंकि उसने अपने ही कमरे का ताला तोड़ दिया था। घायल महिला इस वक्त सदर अस्पताल में जिंदगी और दर्द के बीच जूझ रही है, जबकि आरोपी ससुराल पक्ष के लोग फरार बताए जा रहे हैं।
मायके से लौटी तो मिला ‘बंद’ कमरा: विवाद की पूरी कहानी
घायल महिला पूनम देवी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब वह कुछ दिनों के बाद अपने मायके से ससुराल वापस लौटीं।
- चाबी का इनकार: ससुराल पहुँचने पर पूनम ने देखा कि उनके कमरे में ताला लगा हुआ है। रात का समय होने के कारण उन्होंने परिजनों से चाबी मांगी, लेकिन आरोप है कि किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें अनसुना कर दिया गया।
- मजबूरी में उठाया कदम: थक-हारकर पूनम ने कमरे का ताला तोड़ दिया ताकि वह सो सकें। लेकिन यही कदम उनके लिए काल बन गया।
कमरे में बंद कर ‘तालिबानी’ सजा!
पूनम देवी का आरोप है कि जैसे ही ताला टूटने की खबर उनके पति रूपेश कुमार, भैंसुर और गोतनी को मिली, वे आगबबूला हो गए।
- साजिश: आरोपियों ने पूनम को उसी कमरे में बंद कर दिया ताकि उनकी चीखें बाहर न जा सकें।
- बेरहम पिटाई: कमरे के भीतर पति और अन्य ससुराल वालों ने मिलकर पूनम को लहूलुहान कर दिया।
- गंभीर चोटें: मारपीट में पूनम के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में जहानाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अब थाने में ‘इंसाफ’ की गुहार
इलाज के दौरान पूनम देवी ने स्पष्ट किया है कि वह इस जुल्म को बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने बताया कि उनके पति और ससुराल वाले आए दिन छोटी-छोटी बातों पर उनके साथ झगड़ा और प्रताड़ित करते रहते हैं।
”मैं अब अपने पति और अन्य आरोपियों के खिलाफ लिखित आवेदन दूंगी। मुझे न्याय चाहिए, ताकि फिर किसी और के साथ ऐसा न हो।” — पूनम देवी (पीड़ित)
VOB का नजरिया: घर के भीतर ‘असुरक्षित’ होती बेटियां
जहानाबाद की यह घटना समाज के उस चेहरे को दिखाती है जहाँ आज भी घरेलू हिंसा को ‘निजी मामला’ मानकर दबा दिया जाता है। ताला तोड़ने जैसी मामूली बात पर एक महिला को लहूलुहान कर देना मानसिक विकृति को दर्शाता है। पुलिस को चाहिए कि आवेदन मिलते ही त्वरित कार्रवाई करे ताकि आरोपियों को कड़ा सबक मिल सके।


