बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले नया मोड, परीक्षा में बैठने का अधिकार है, फल पर नहीं है

बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा मामले में अब फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले इस मामले में कोर्ट ने राजस्थान का हवाला देते हुए बीएड के अभियर्थियों को परीक्षा में बैठे का अधिकार दे दिया है. हालांकि बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने कहा कि उनका अधिकार कोर्ट से परीक्षा में बैठने का मिला है लेकिन परीक्षा के फल पर उनका अधिकार नहीं है. परीक्षा का आयोजन अपने निर्धारित तिथि यानी 24, 25 और 26 अगस्त को किया जाएगा।

बीपीएससी के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने बताया कि इस बार नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी . इस परीक्षा के लिए लाखों उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. इस भर्ती के तहत प्राइमरी टीचर यानी कक्षा 1 से 5 तक के लिए लगभग 7 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. जिसमें बिहार के बाहर के भी उम्मीदवार शामिल है. बता दें कि पहली कक्षा से पांचवीं कक्षा के लिए बीएड डिग्री रखने वाले करीब 5 लाख उम्मीदवारों ने इसके लिए आवेदन किया है।

बता दें कि अतुल प्रसाद ने कहा कि उनको सुप्रीम कोर्ट से परीक्षा में बैठने का अधिकार मिला है लेकिन परीक्षा फल के बारे में हमारे विज्ञापन में अंकित है कि कोई भी निर्णय एनसीटी के परामर्श से जो राज्य सरकार जो निर्णय करेगी वही मान्य होगा. अब इस भर्ती में बैठे वाले तमाम अभियार्थी इस बात से परेशान है कि वे बिहार शिक्षक भर्ती के लिए पात्र है या नहीं . क्या उनकी योग्यता प्राइमरी शिक्षक पद के लिए मानी जाएंगी।

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