पूर्णिया में ‘इश्क’ का खौफनाक अंत: मेला दिखाने के बहाने ले गया बॉयफ्रेंड; पहले खुद किया रेप, फिर दोस्तों के आगे परोसा… विरोध करने पर गला घोंटकर फेंक दी लाश!

HIGHLIGHTS: डगरुआ में दरिंदगी की इंतिहा; 11 दिन बाद मिला 18 साल की बेटी का शव

  • विश्वासघात: 4 महीने के प्यार का ‘खूनी’ सिला; विश्वासपुर के पास NH-31 किनारे खेत में मिली लाश।
  • साजिश: 11 मार्च की रात ‘मेला’ दिखाने के बहाने घर से बुलाकर ले गया था बॉयफ्रेंड सचिन।
  • हैवानियत: पहले खुद किया दुष्कर्म, फिर दोस्तों के साथ मिलकर युवती को प्रताड़ित किया; विरोध पर कर दी हत्या।
  • पकड़ा गया कातिल: व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स (CDR) ने खोली सचिन की पोल; पूछताछ में कबूला गुनाह।
  • जन-आक्रोश: इंसाफ के लिए NH-31 पर 5 घंटे तक ग्रामीणों का तांडव; पुलिस के आश्वासन पर खुला जाम।

पूर्णिया / डगरुआ | 22 मार्च, 2026

​बिहार के पूर्णिया जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने ‘प्यार’ और ‘भरोसे’ जैसे शब्दों को शर्मसार कर दिया है। जिले के डगरुआ थाना क्षेत्र में एक 18 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवती का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने उस शख्स पर भरोसा किया, जिससे वह पिछले चार महीनों से प्रेम करती थी। 11 मार्च की रात से लापता इस बेटी का शव जब शनिवार को नेशनल हाईवे-31 के किनारे एक होटल के पीछे खेत से बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की तफ्तीश में सामने आया कि यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि दरिंदगी की वो दास्तां है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए।

‘मेला’ दिखाने का झांसा और वो काली रात

​घटना की शुरुआत 11 मार्च की रात को हुई। आरोपी सचिन, जो मृतका के ही गांव का रहने वाला है, उसने युवती को फोन कर ‘मेला’ देखने के बहाने घर से बाहर बुलाया। मासूम युवती को अंदाजा भी नहीं था कि जिस कंधे पर वह सिर रखकर सपने बुन रही है, वही हाथ उसकी जान लेने के लिए बढ़ेंगे। सचिन उसे विश्वासपुर के पास एक सुनसान दुकान में ले गया, जहाँ उसने सबसे पहले खुद उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपनी दरिंदगी की हदें पार करते हुए युवती को अपने उन दोस्तों के हवाले करने की कोशिश की, जो वहां पहले से मौजूद थे।

विरोध किया तो बन गए ‘जल्लाद’, सबूत मिटाने के लिए खेत में फेंका शव

​जब युवती ने इस घिनौनी करतूत और सचिन के दोस्तों के इरादों का कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों के पैर उखड़ने लगे। उन्हें डर सताने लगा कि अगर युवती जिंदा बच गई, तो वे समाज और कानून के शिकंजे में आ जाएंगे। पकड़े जाने के डर से सचिन और उसके साथियों ने युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद, उन्होंने सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को NH-31 के किनारे स्थित एक होटल के पीछे झाड़ियों वाले खेत में फेंक दिया और फरार हो गए।

व्हाट्सएप चैट ने पहुंचाया सलाखों के पीछे: सचिन का कबूलनामा

​युवती के लापता होने के बाद परिजन लगातार उसे तलाश रहे थे। पुलिस ने जब मामले की तकनीकी जांच शुरू की, तो मृतका के मोबाइल की व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स में सचिन का नाम प्रमुखता से उभरा। पुलिस ने सचिन को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं टिक पाया। उसने कबूल किया कि वह पिछले 4 महीनों से युवती के संपर्क में था और उसी ने 11 मार्च की रात उसे मौत के घाट उतारा। सचिन के बयान के आधार पर ही पुलिस ने झाड़ियों से सड़ी-गली हालत में शव बरामद किया।

सड़क पर संग्राम: 5 घंटे तक थमी रही NH-31 की रफ्तार

​रविवार सुबह जैसे ही युवती की मौत और दरिंदगी की खबर डगरुआ में फैली, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हजारों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और NH-31 को पूरी तरह जाम कर दिया। टायर जलाकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की एक ही मांग थी— “हत्यारों को फांसी दो।” करीब 5 घंटे तक नेशनल हाईवे पर आवागमन बाधित रहा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में पूर्णिया पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए।

VOB का नजरिया: क्या हमारी बेटियां ‘अपनों’ के बीच भी सुरक्षित नहीं?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि पूर्णिया की यह घटना समाज के उस बढ़ते नासूर की ओर इशारा करती है जहाँ ‘डिजिटल प्यार’ अक्सर ‘फिजिकल टॉर्चर’ और ‘मर्डर’ पर जाकर खत्म हो रहा है।

  1. सुरक्षा का सवाल: 11 दिन तक एक बेटी लापता रही और पुलिस तब जागी जब शव मिल गया। क्या शुरुआती दौर में ही तकनीकी जांच तेज नहीं की जा सकती थी?
  2. फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत: ऐसे मामलों में जहाँ आरोपी खुद अपना गुनाह कबूल कर चुका है, वहां सजा मिलने में सालों का वक्त नहीं लगना चाहिए।
  3. समाज की जिम्मेदारी: युवाओं को यह समझना होगा कि रिश्तों में ‘सहमति’ का मतलब ‘सौदेबाजी’ नहीं होता।

प्रशासनिक अपडेट: पूर्णिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। फरार अन्य आरोपियों (सचिन के दोस्त) की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल (SIT) का गठन किया गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पीएसी (PAC) बल की तैनाती की गई है।

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