बाढ़ में खूनी खेल: दो गुटों में ताबड़तोड़ फायरिंग, घर से बाहर निकले शख्स की आंख में लगी गोली; PMCH रेफर

बाढ़ (पटना) | 24 फरवरी, 2026: राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत अथमलगोला थाना क्षेत्र के चंदा गांव में मंगलवार को वर्चस्व की जंग ने खूनी मोड़ ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा। इस गोलाबारी के बीच अपने घर से बाहर निकले एक शख्स को अपनी आंख गंवानी पड़ी। घायल की पहचान हरे राम यादव के रूप में हुई है, जिनकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

फायरिंग की आवाज सुन बाहर निकले थे हरे राम

​घटना के संबंध में बताया जाता है कि चंदा गांव में अचानक दो गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते गोलाबारी में तब्दील हो गया। गोलियों की तड़तड़ाहत सुनकर हरे राम यादव जैसे ही यह देखने के लिए घर से बाहर निकले कि बाहर क्या हो रहा है, तभी एक गोली सीधे उनकी आंख में जा लगी। लहूलुहान हालत में वे वहीं गिर पड़े, जिसके बाद परिजनों के बीच कोहराम मच गया।

बाढ़ से पटना रेफर: स्थिति चिंताजनक

​परिजनों ने आनन-फानन में घायल हरे राम यादव को इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गोली आंख के बेहद संवेदनशील हिस्से में लगी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया है। फिलहाल वे वहां जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

चंदा गांव: जहाँ अक्सर ‘बोलती हैं बंदूकें’

​स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि चंदा गांव में फायरिंग की घटनाएं अब ‘नॉर्मल’ हो चुकी हैं। आए दिन यहाँ हथियार निकलते हैं और गोलियां चलती हैं। पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे आम नागरिकों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है।

जांच में जुटी पुलिस: चुप्पी साधे हैं अधिकारी

​इस हाई-प्रोफाइल फायरिंग मामले पर अथमलगोला थाना पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि:

  • ​घटनास्थल से खोखे बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
  • ​फायरिंग की असली वजह क्या थी, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
  • ​पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: बाढ़ के ग्रामीण इलाकों में अवैध हथियारों का बढ़ता चलन एक गंभीर चुनौती बन गया है। चंदा गांव की यह घटना पुलिसिया तंत्र की विफलता और अपराधियों के बेखौफ अंदाज की एक और बानगी है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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