सत्याग्रह एक्सप्रेस में अजीब घटना: छत से टपकी शराब की बोतलें, तस्करी के नए तरीके से मचा हड़कंप

पटना: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद तस्करों के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। ताजा मामला उस समय सामने आया जब में यात्रियों ने एक हैरान कर देने वाली घटना देखी—ट्रेन की छत से पानी नहीं बल्कि विदेशी शराब की बोतलें गिरने लगीं। इस अप्रत्याशित घटना ने यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मचा दी और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

बोगी में अचानक गिरने लगीं बोतलें

जानकारी के अनुसार, आनंद विहार से रक्सौल जा रही सत्याग्रह एक्सप्रेस की S-4 और S-5 बोगियों में यह घटना हुई। यात्रियों ने बताया कि शौचालय के पास छत से कुछ टपकने जैसा महसूस हुआ। शुरुआत में लोगों को लगा कि पानी टपक रहा है, लेकिन जब ध्यान से देखा गया तो विदेशी शराब की बोतलें नीचे गिरती नजर आईं। इस दृश्य ने यात्रियों को पूरी तरह चौंका दिया।

मची अफरा-तफरी, यात्रियों में डर

घटना के बाद बोगी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्री अपनी सीट छोड़कर दूर हट गए, वहीं कुछ लोगों ने तुरंत रेलवे स्टाफ को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते पूरे कोच में हलचल मच गई।

12 बोतल शराब बरामद

सूचना मिलने पर रेलवे कर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच के दौरान करीब 12 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई, जिन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। यह घटना पनियहवा रेलवे स्टेशन के पास की बताई जा रही है।

तस्करी का नया तरीका!

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि तस्करों ने बड़ी चालाकी से शराब की बोतलों को ट्रेन की छत या किसी छिपे हुए हिस्से में रखा था। किसी झटके या तकनीकी हलचल के कारण ये बोतलें अपनी जगह से खिसक गईं और नीचे गिरने लगीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शराब को किस स्टेशन से ट्रेन में चढ़ाया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर ट्रेन के अंदर इस तरह शराब छिपाकर लाई जा सकती है, तो यह सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। खासकर बिहार जैसे राज्य में, जहां शराबबंदी कानून सख्ती से लागू है, इस तरह की घटना चिंता का विषय है।

जांच में जुटी एजेंसियां

रेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन मिलकर इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा जांच के दौरान यह शराब कैसे पकड़ी नहीं गई।

पहले भी अपनाए जा चुके हैं ऐसे तरीके

गौरतलब है कि बिहार में शराब तस्करी के लिए पहले भी कई अनोखे तरीके अपनाए जा चुके हैं—कभी एंबुलेंस, तो कभी दूध के कंटेनर और ट्रकों का इस्तेमाल किया गया है। अब ट्रेन के जरिए इस तरह की तस्करी का मामला सामने आना प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है।

फिलहाल जब्त शराब को संबंधित विभाग के हवाले कर दिया गया है और अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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