
भागलपुर, 02 जुलाई 2026। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रावणी मेला क्षेत्र, विशेष रूप से सुल्तानगंज में चल रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहता। बैठक का मुख्य उद्देश्य मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना था।
श्रावणी मेला बिहार और झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु अजगैविनाथ धाम, सुल्तानगंज पहुंचते हैं, जहां वे गंगा से जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए रवाना होते हैं। इतनी विशाल भीड़ के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक तैयारी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है। यही कारण है कि जिला प्रशासन ने इस बार पहले से ही सभी विभागों को अलर्ट मोड में रखा है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने मेला क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से विभिन्न स्टेजों के निर्माण कार्य को लेकर संबंधित विभागों से प्रगति रिपोर्ट ली। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भागलपुर की पहचान से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय महत्व का आयोजन है। ऐसे में प्रत्येक व्यवस्था का उच्च गुणवत्ता का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ आकर्षक व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
इस वर्ष मेला क्षेत्र में लेजर शो और विशेष लाइटिंग व्यवस्था को प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लेजर शो आधुनिक तकनीक पर आधारित हो और श्रद्धालुओं के लिए यादगार अनुभव प्रदान करे। उन्होंने कहा कि लाइटिंग ऐसी होनी चाहिए जो न केवल सुंदर और भव्य दिखे, बल्कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से भी उपयोगी साबित हो।
बैठक में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र स्थापित किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके। गर्म मौसम और लंबी पैदल यात्रा को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा गया।
विद्युत आपूर्ति को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था हो ताकि किसी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो। बैकअप व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए गए।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और अस्थायी शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी स्थिति में गंदगी या अव्यवस्था नहीं दिखनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में अस्थायी चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र और मेडिकल टीमों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, थकान या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण विषयों में रही। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने सुरक्षा को लेकर पुलिस की तैयारियों की जानकारी दी। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहेगी।
यातायात प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। मेला अवधि में लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही के कारण ट्रैफिक प्रबंधन बड़ी चुनौती होती है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पार्किंग, रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और पैदल मार्गों की स्पष्ट योजना तैयार की जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में बैरिकेडिंग व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया। भीड़ नियंत्रण के लिए मजबूत और सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया गया ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित और सुरक्षित बनी रहे। प्रशासन का लक्ष्य किसी भी संभावित भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति को रोकना है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजन की सफलता केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और प्रत्येक कार्य समय पर पूरा करें। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में नगर आयुक्त , अपर समाहर्ता , अपर समाहर्ता , अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) , गोपनीय शाखा प्रभारी , सिविल सर्जन तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, श्रावणी मेला-2026 को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ तैयारियों में जुटा हुआ है। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट है कि इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा, मजबूत सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन व्यापक स्तर पर काम कर रहा है। आने वाले दिनों में इन तैयारियों की गति और तेज होने की संभावना है, ताकि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला एक बार फिर सफल और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।


