बिहार की सड़कों को लगेगी ‘सुपर’ रफ्तार! मोकामा-मुंगेर एक्सप्रेसवे समेत 4 मेगा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा; जानें कब तक होंगे पूरे

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • बड़ी बैठक: पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने 4 प्रमुख सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की।
  • ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: ₹4447 करोड़ की लागत से बनेगा 82.4 किमी लंबा मोकामा-मुंगेर फोरलेन।
  • डेडलाइन: महेशखूंट-सहरसा-पूर्णिया सड़क का 91% काम पूरा, अप्रैल तक लक्ष्य।
  • हाई-स्पीड कॉरिडोर: बकरपुर-मानिकपुर प्रोजेक्ट पटना-बेतिया हाई स्पीड कॉरिडोर का बनेगा अहम हिस्सा।

पटना: बिहार में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए नीतीश सरकार ‘मिशन मोड’ में काम कर रही है। सोमवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने विभाग के सभागार में एक हाई-प्रोफाइल बैठक की। इस बैठक में राज्य की 4 सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। सचिव ने एनएचएआई (NHAI) और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) जैसी बाधाओं को तुरंत दूर कर काम की रफ्तार बढ़ाई जाए।

1. मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: ₹4447 करोड़ का ‘गेमचेंजर’

​यह परियोजना पटना से मुंगेर के बीच की दूरी को न केवल कम करेगी, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार को भी नई ताकत देगी।

  • लंबाई: 82.4 किलोमीटर।
  • रूट: यह एक्सप्रेसवे पटना के मोकामा से शुरू होकर लखीसराय, शेखपुरा और मुंगेर (चाननपुरा) तक जाएगा।
  • सचिव का निर्देश: भू-अर्जन की बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों से समन्वय बिठाने को कहा गया है। यह पूरी तरह ‘ग्रीनफील्ड’ (नए सिरे से बनने वाला) प्रोजेक्ट है।

2. पटना-बेतिया हाई स्पीड कॉरिडोर: बकरपुर-मानिकपुर प्रोजेक्ट

​पटना से चंपारण की राह अब और भी आसान होने वाली है।

  • लागत: लगभग ₹1422 करोड़।
  • प्रगति: सचिव ने बताया कि इस 38.81 किमी लंबी सड़क का काम संतोषजनक है।
  • महत्व: यह सड़क पटना-बेतिया हाई स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा है, जिससे उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार होगा।

3. सिवान-मशरख परियोजना: दो जिलों को जोड़ेगी नई सड़क

​सिवान और सारण (छपरा) के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है।

  • कुल लंबाई: करीब 50 किलोमीटर (सिवान में 44.5 किमी और सारण में 5.6 किमी)।
  • बजट: ₹1399 करोड़।

4. महेशखूंट-सहरसा-पूर्णिया: अंतिम चरण में काम, अप्रैल में तोहफा

​कोसी और पूर्णिया प्रमंडल के लोगों के लिए अच्छी खबर है। इस सड़क परियोजना का कार्य अब फिनिशिंग लाइन पर है।

  • प्रगति: 91 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
  • लक्ष्य: सचिव ने बचे हुए 9% कार्य को अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने डीएम से बात कर जमीन से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याओं को तत्काल सुलझाने को कहा है।

सचिव का कड़ा रुख: “समय पर चाहिए काम”

​बैठक के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने स्पष्ट किया कि विभाग क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:

  1. डीएम से सीधी बात: भू-अर्जन की बाधाओं के लिए सचिव खुद जिलाधिकारियों के संपर्क में हैं।
  2. NHAI को निर्देश: नेशनल हाईवे अथॉरिटी को काम में तेजी लाने और क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखने को कहा गया है।
  3. आर्थिक विकास: इन सड़कों के बनने से बिहार में यातायात सुगम होगा और नए आर्थिक जोन विकसित होंगे।

VOB का नजरिया: बिहार की बदलती सूरत

​2026 की यह समीक्षा बैठक दर्शाती है कि बिहार अब केवल ‘सड़क निर्माण’ नहीं बल्कि ‘एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर’ के युग में प्रवेश कर चुका है। मोकामा-मुंगेर और पटना-बेतिया जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल समय बचाएंगे, बल्कि बिहार के ग्रामीण इलाकों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ेंगे। अगर अप्रैल तक पूर्णिया वाली सड़क पूरी होती है, तो यह कोसी क्षेत्र के लिए नए साल का सबसे बड़ा तोहफा होगा।

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