
बिहार के कई हिस्सों में मंगलवार की दोपहर बाद कुदरत का बेहद क्रूर चेहरा देखने को मिला। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से राहत की उम्मीद लेकर आई बारिश अपने साथ मातम लेकर लौटी। सूबे के करीब 16 जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ हुए भीषण वज्रपात ने 12 परिवारों के चिराग बुझा दिए। दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। कहीं खेत में काम कर रहे किसान इसकी चपेट में आए, तो कहीं घर की दहलीज पर खड़े लोग आसमानी बिजली का शिकार बन गए। मौसम विभाग के अनुसार, वज्रपात की यह तीव्रता इतनी अधिक थी कि नवादा, जमुई, गया और बांका जैसे जिलों में सबसे अधिक जान-माल का नुकसान हुआ है।
जमुई और नवादा में कुदरत का सबसे बड़ा प्रहार
मंगलवार को हुई इस मौसमी उथल-पुथल में सबसे दुखद खबरें नवादा और जमुई जिलों से आईं, जहाँ चार-चार लोगों की असमय मौत हो गई। नवादा के हिसुआ इलाके में एक युवती की जान चली गई, वहीं नरहट क्षेत्र में एक महिला वज्रपात की चपेट में आ गई। अकबरपुर और मुफस्सिल थाना क्षेत्रों में दो बुजुर्गों की मौत की खबर ने इलाके में शोक की लहर बढ़ा दी है। प्रशासन इन मौतों की पुष्टि करते हुए प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता पहुँचाने की प्रक्रिया में जुट गया है।
जमुई जिले की स्थिति भी उतनी ही हृदयविदारक रही। यहाँ के बिहारी मोहल्ला में एक होनहार युवक की मौत आसमानी बिजली गिरने से हुई, जबकि सोनो इलाके में एक महज आठ वर्षीय बच्ची इस प्राकृतिक आपदा का शिकार बन गई। खैरा प्रखंड में एक बुजुर्ग ने अपनी जान गंवाई, वहीं चकाई में एक युवक, जो मूल रूप से देवघर का रहने वाला था, वज्रपात की चपेट में आकर काल के गाल में समा गया। जमुई में हुई इन मौतों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वज्रपात के समय बरती गई जरा सी लापरवाही कितनी घातक हो सकती है।
गया और बांका में भी मौत ने दी दस्तक
वज्रपात का कहर केवल नवादा और जमुई तक सीमित नहीं रहा। गया जिले में भी तीन लोगों की जान जाने की खबर है। वजीरगंज प्रखंड में एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हुई, जबकि गुरारू में एक किशोर की जान चली गई। गया की इस घटना में एक और दर्दनाक पहलू सामने आया, जहाँ मृत किशोर की मां और बहन भी गंभीर रूप से झुलस गई हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं बाराचट्टी में भी एक युवक की मौत वज्रपात की वजह से हुई है।
बांका जिले के बेलहर इलाके में भी एक महिला, पिंकी देवी की मौत आसमानी बिजली की चपेट में आने से हो गई। इन घटनाओं के अलावा भागलपुर जिले में निवास कुमार यादव नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य के विभिन्न जिलों से आ रही ये खबरें एक बड़े मानवीय संकट की ओर इशारा कर रही हैं, जहाँ पलक झपकते ही खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।
मौसम विभाग की चेतावनी और बुधवार का पूर्वानुमान
पटना और भागलपुर सहित बिहार के अधिकांश जिलों में मंगलवार को हुई बारिश के बाद मौसम विभाग ने बुधवार के लिए भी अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, बुधवार को भी आंधी और बारिश के आसार बने हुए हैं, जिससे अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। इससे पहले, मौसम विभाग ने बांका, बेगूसराय, भागलपुर, जमुई, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, पटना और शेखपुरा जैसे जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था।
मौसम विभाग ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया था कि इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की प्रबल संभावना है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों को भी अपने खेतों से दूर रहने और मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
ओलावृष्टि और फसलों का नुकसान
मंगलवार दोपहर बाद हुई इस आंधी-बारिश के दौरान कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे फसलों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से आम और लीची की फसलों के लिए यह मौसम घातक साबित हो सकता है। 16 जिलों में हुई इस व्यापक बारिश ने जहाँ एक ओर तापमान में गिरावट लाकर लोगों को राहत दी है, वहीं 12 लोगों की मौत ने इस राहत को फीका कर दिया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया है।
आसमानी बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं ने बिहार में एक नई चिंता को जन्म दे दिया है। अक्सर देखा जाता है कि मानसून पूर्व की बारिश और शुरुआती मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मंगलवार की इस घटना के बाद, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता फिर से महसूस की जा रही है। लोगों को ‘दामिनी’ जैसे मोबाइल एप्स का उपयोग करने और मौसम विभाग की तात्कालिक चेतावनियों (Nowcast) पर गौर करने की अपील की गई है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा स्थितियों से बचा जा सके। फिलहाल, समूचा बिहार इन 12 मौतों के शोक में डूबा है और बुधवार को फिर से खराब होने वाले मौसम को लेकर लोग डरे हुए हैं।


