
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 26 से 28 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी बारिश की भी संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 जुलाई से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ सकती है। पश्चिमी, पूर्वी, उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवा चलने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और खेतों में काम करने वाले किसानों को मौसम में बदलाव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
26 जुलाई को कई जिलों में खराब मौसम का अलर्ट
26 जुलाई को बिहार के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं अपेक्षाकृत अधिक बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान तेज हवा चलने की भी संभावना है। मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदान में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
26 जुलाई को पूर्वी बिहार के कई जिलों में भी मानसून का असर देखने को मिल सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
27 जुलाई को उत्तर और मध्य बिहार में बढ़ेगा बारिश का दायरा
27 जुलाई को मानसून की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है। इस दिन उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी और दरभंगा में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अचानक मौसम बदल सकता है और थोड़े समय के लिए तेज बारिश भी हो सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
27 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और अरवल में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा को लेकर चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कई जिले इस दिन ग्रीन जोन में रहने की संभावना है। हालांकि मौसम पूरी तरह स्थिर रहेगा, ऐसा जरूरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव हो सकता है।
28 जुलाई को सबसे अधिक जिलों में बारिश का असर
28 जुलाई को बिहार में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इस दिन राज्य के सबसे अधिक जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद और अरवल में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा उत्तर-पूर्वी और पूर्वी बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा में भी बारिश और तेज हवा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने 28 जुलाई को मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी जताई है। यदि इन क्षेत्रों में कम समय में अधिक बारिश होती है, तो निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों और खेतों में भी पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।
हालांकि 28 जुलाई को पटना, नालंदा, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी और मधुबनी जैसे कुछ जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है। इसका मतलब यह है कि इन जिलों में फिलहाल बड़े स्तर पर खराब मौसम का अलर्ट नहीं है। फिर भी मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
मौसम विभाग के अनुसार, 26 से 28 जुलाई के बीच कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश और तेज हवा का यह संयोजन कई स्थानों पर परेशानी पैदा कर सकता है। तेज हवा के कारण कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और खुले में रखी हल्की वस्तुएं उड़ सकती हैं।
लोगों को सलाह दी गई है कि तेज हवा और बारिश के दौरान घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। बिजली के खंभों, पेड़ों और पुराने या जर्जर भवनों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि तेज बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है।
वज्रपात को लेकर भी विशेष सावधानी जरूरी
बारिश के साथ बिहार के कई हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना भी जताई गई है। आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं मानसून के दौरान जान-माल के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसलिए मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब या नदी के किनारे जाने से बचना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति खेत या खुले इलाके में है और अचानक तेज गरज के साथ बारिश शुरू हो जाती है, तो उसे जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का प्रयास करना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन के अंदर रहना अधिक सुरक्षित माना जाता है। बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का पूर्वानुमान
बारिश का यह दौर किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश से खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि लगातार या बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में जलजमाव की समस्या भी पैदा हो सकती है। ऐसे में किसानों को अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
किसानों को तेज आंधी और वज्रपात के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए। बारिश और तेज हवा की संभावना को देखते हुए कृषि उपकरणों तथा अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह भी दी गई है।
लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अगले कुछ दिनों तक मौसम से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लें। मानसून के दौरान मौसम में तेजी से बदलाव हो सकता है और किसी क्षेत्र में सामान्य बारिश के बीच अचानक तेज बारिश, आंधी या वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से भी संभावित खराब मौसम को देखते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है। खासकर उन इलाकों में जहां पहले से जलजमाव या बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहां बारिश बढ़ने पर लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, बिहार में 26 से 28 जुलाई के बीच मानसून की सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं। इस दौरान कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है। 28 जुलाई को सबसे अधिक जिलों में मौसम खराब रहने का अनुमान है और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने, खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।


