
पटना, 8 अप्रैल 2026: बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान तेज आंधी, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस बदलाव से आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, ओले गिरने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को उत्तर बिहार के 12 जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश की प्रबल संभावना है। जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी,भागलपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिर सकते हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को नुकसान होने की आशंका है।
60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जिलों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर रहना जोखिम भरा हो सकता है।
मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण यह स्थिति बनी है। इसके साथ ही क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण बादलों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है।
9 अप्रैल को भी जारी रहेगा असर
मौसम विभाग के मुताबिक, 9 अप्रैल को भी राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर आंधी की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इस दौरान बिजली गिरने की घटनाओं की भी आशंका जताई गई है, जिससे अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें
- पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें
- बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों से बचें
- किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं
जनजीवन पर पड़ सकता है असर
लगातार बदलते मौसम के कारण परिवहन, बिजली और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले दो दिन बिहार के लिए संवेदनशील हैं और लोगों को पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।


