
पटना, 5 अगस्त 2025: बिहार के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़ी शिकायतों के शीघ्र समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र लिखकर 10 सितंबर 2025 तक सभी शिकायतों के निष्पादन का स्पष्ट निर्देश दिया है।
31 अगस्त तक होगी समीक्षा, 1 से 10 सितंबर तक निष्पादन
शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित शिकायतें दर्ज करने का मौका दिया गया था। अब इन शिकायतों की समीक्षा का काम 31 अगस्त 2025 तक पूरा करना है, जबकि 1 से 10 सितंबर के बीच आवश्यक स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए जाएंगे।
स्थानीय और अंतर-जिला ट्रांसफर की व्यवस्था
शिकायतों को दो श्रेणियों में बाँटा गया है:
- जिला स्तर की शिकायतें:
इनकी समीक्षा संबंधित जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्थापना समिति करेगी। समिति की अनुशंसा के आधार पर नए ट्रांसफर या पोस्टिंग आदेश दिए जाएंगे। - अंतर-जिला ट्रांसफर की शिकायतें:
इनकी भी समीक्षा जिला स्थापना समिति द्वारा की जाएगी, लेकिन प्राथमिक शिक्षा निदेशक अंतिम अनुमोदन देकर ट्रांसफर आदेश जारी करेंगे।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अनिवार्य एंट्री
शिक्षा विभाग ने निर्देशित किया है कि हर ट्रांसफर, पोस्टिंग या प्रतिनियुक्ति से संबंधित जानकारी अनिवार्य रूप से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज की जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और बाद की समीक्षा में आसानी होगी।
चुनाव कार्य बाधित न हो
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया के दौरान किसी भी हाल में चुनाव से जुड़ी प्रशासनिक गतिविधियों में व्यवधान नहीं आना चाहिए। जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर इस प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा करने का निर्देश है।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम शिक्षकों की पुरानी समस्याओं को सुलझाने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। इससे न सिर्फ शिक्षक वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि विद्यालय संचालन की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।


