
पटना: बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्थानांतरण (तबादला) 2026 की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी है। इसके तहत राज्यभर के शिक्षक 29 जुलाई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी और 31 अक्टूबर 2026 तक सभी आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग के अनुसार स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। इसके लिए विभाग ने अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों के लिए आवेदन और प्रक्रिया की तिथियां भी तय कर दी हैं।
पहले चरण में 5 अगस्त तक आवेदन
पहले चरण में शिक्षक 29 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 7 अगस्त से 9 सितंबर तक समायोजन और समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दूसरे चरण में पारस्परिक तबादला
दूसरे चरण में 10 सितंबर से 14 सितंबर तक पारस्परिक (Mutual) स्थानांतरण की प्रक्रिया चलेगी। वहीं 16 सितंबर को स्थानांतरण से संबंधित रिक्तियों की सूची प्रकाशित की जाएगी।
तीसरे चरण में सामान्य स्थानांतरण
सामान्य स्थानांतरण के लिए शिक्षक 17 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच आवेदन की जांच, अपील, निस्तारण और स्थानांतरण आदेश जारी किए जाएंगे।
राज्य में कितने शिक्षक होंगे शामिल?
शिक्षा विभाग के अनुसार इस प्रक्रिया में राज्य के 5,87,353 सरकारी शिक्षक शामिल होंगे। इनमें—
- प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक (कक्षा 1-8): 4,43,637 शिक्षक
- माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक (कक्षा 9-12): 1,43,716 शिक्षक
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन से लेकर स्थानांतरण आदेश जारी होने तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। जिला, प्रमंडल और राज्य स्तरीय समितियां निर्धारित समय के भीतर सभी आवेदनों का निष्पादन करेंगी।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षक स्थानांतरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। सभी विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित पदस्थापन सुनिश्चित करने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने शिक्षकों से समय पर आवेदन करने और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
शिक्षकों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें और निर्धारित समय सीमा के भीतर ही ऑनलाइन आवेदन पूरा करें, ताकि बाद में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


