बिहार दारोगा प्रीलिम्स परीक्षा: अंतिम समय की रणनीति ही दिला सकती है सफलता

बिहार में पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) के 1799 पदों पर बहाली के लिए प्रारंभिक परीक्षा 18 और 21 जनवरी को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिससे प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी मानी जा रही है। ऐसे में परीक्षा से ठीक पहले सही रणनीति और संतुलित तैयारी उम्मीदवारों की सफलता में अहम भूमिका निभा सकती है।

अंतिम समय में रिवीजन पर फोकस जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के बिल्कुल नजदीक पूरे सिलेबस को नए सिरे से पढ़ने के बजाय रिवीजन और अभ्यास पर ध्यान देना अधिक फायदेमंद होता है। अंतिम 7 से 10 दिनों में नई किताबें या नए टॉपिक शुरू करना नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर होगा कि अभ्यर्थी पहले से पढ़े गए विषयों को दोहराएं और अपनी कमजोरियों पर काम करें।

परीक्षा पैटर्न और समय सीमा

बिहार पुलिस अवर निरीक्षक की लिखित परीक्षा कुल 200 अंकों की होती है, जिसके लिए 2 घंटे का समय निर्धारित है। प्रश्न मल्टीपल चॉइस पैटर्न के होते हैं और उत्तर ओएमआर शीट पर भरने होते हैं। परीक्षा में सामान्य अध्ययन, करंट अफेयर्स, रीजनिंग, गणित और हिंदी से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.2 अंक की निगेटिव मार्किंग भी लागू है। यह परीक्षा चयन प्रक्रिया का पहला और बेहद महत्वपूर्ण चरण है।

मजबूत विषयों को और पुख्ता करें

प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुभवी शिक्षक रहमांशु सर के अनुसार, अंतिम समय में उम्मीदवारों को अपने मजबूत विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सामान्य अध्ययन, करंट अफेयर्स और रीजनिंग जैसे सेक्शन में बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक्स का रिवीजन जरूरी है।

उनका कहना है कि हर दिन कम से कम एक फुल-लेंथ मॉक टेस्ट देना फायदेमंद रहता है। इससे न सिर्फ समय प्रबंधन बेहतर होता है, बल्कि परीक्षा पैटर्न की भी अच्छी समझ बनती है। मॉक टेस्ट के बाद उसका विश्लेषण करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि गलतियों को दोहराने से बचा जा सके।

बिहार से जुड़े विषयों पर विशेष जोर

रहमांशु सर के अनुसार सामान्य अध्ययन के अंतर्गत इतिहास, भूगोल, राजनीति और बिहार से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बिहार विशेष के तथ्य, राज्य सरकार की योजनाएं और समसामयिक मुद्दे अच्छे अंक दिलाने में सहायक हो सकते हैं।

करंट अफेयर्स में पिछले 6 से 8 महीनों की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय घटनाओं का संक्षिप्त रिवीजन जरूरी माना जा रहा है। योजनाएं, पुरस्कार, खेल, महत्वपूर्ण नियुक्तियां और रिपोर्ट्स से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

रीजनिंग और गणित में सटीकता जरूरी

रीजनिंग और गणित के लिए फॉर्मूले और शॉर्ट ट्रिक्स को एक बार फिर से दोहराना लाभकारी रहेगा। कठिन सवालों में उलझने के बजाय पहले आसान प्रश्न हल करना बेहतर रणनीति मानी जाती है, जिससे समय की बचत होती है और आत्मविश्वास बना रहता है।

हिंदी सेक्शन में व्याकरण के नियम, पर्यायवाची, विलोम और मुहावरों का रिवीजन जरूरी है। यह सेक्शन अपेक्षाकृत आसान होता है और यहां से अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं।

स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन भी उतना ही अहम

अंतिम दिनों में देर रात तक पढ़ाई करने से थकान और तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में पूरी नींद लेना, हल्का व्यायाम करना और संतुलित भोजन करना जरूरी है। शांत और स्वस्थ दिमाग ही परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

परीक्षा से एक दिन पहले बहुत अधिक पढ़ाई करने के बजाय हल्का रिवीजन करें और खुद पर भरोसा रखें।

परीक्षा हॉल में बरतें पूरी सावधानी

परीक्षा हॉल में छोटी-सी लापरवाही भी भारी नुकसान कर सकती है। समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना, एडमिट कार्ड और पहचान पत्र पहले से तैयार रखना जरूरी है। प्रश्न पत्र मिलने के बाद पहले पूरे पेपर को देखना और आसान सवालों से शुरुआत करना बेहतर होता है।

ओएमआर शीट भरते समय विशेष सावधानी बरतें। प्रश्न संख्या और गोले का सही मिलान करें, क्योंकि एक भी गलती से सभी उत्तर गलत हो सकते हैं।

कड़ी प्रतिस्पर्धा में सही रणनीति ही दिलाएगी सफलता

7 लाख से अधिक उम्मीदवारों के बीच 1799 पदों के लिए मुकाबला बेहद कठिन है। ऐसे में चयन उन्हीं अभ्यर्थियों का होगा, जो सही रणनीति, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देंगे। जिन प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट रूप से आते हों, उन्हीं को हल करें और तुक्का लगाने से बचें, क्योंकि अधिक निगेटिव मार्किंग नुकसानदायक हो सकती है।


 

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