पटना: बिहार में खेलों के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजधानी पटना में भव्य बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम , खेल विभाग और स्पोर्ट्स स्टार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से खेल विशेषज्ञ, खिलाड़ी और नीति-निर्माता शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन पटना के ताज सिटी सेंटर में किया गया, जहां केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री और बिहार की खेल मंत्री मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
बिहार को स्पोर्ट्स हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और बिहार के खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर आधारित एक प्रेरणादायक वृत्तचित्र के साथ हुई। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा खेलों के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया।
अपने संबोधन में रक्षा खडसे ने कहा कि बिहार प्रतिभाओं की भूमि है और यहां खेलों को गांव स्तर तक बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत गांव-गांव में खेल मैदान बनाने की योजना बिहार में शुरू की गई, जिसे अब केंद्र सरकार ने भी अपनाया है। इससे ग्रामीण स्तर पर खेलों को नई पहचान मिलेगी और युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और समय प्रबंधन जैसे गुण भी सिखाते हैं। केंद्र सरकार ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओलंपिक और कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन की मांग
वहीं बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए आधारभूत संरचना को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलती है, तो बिहार में भी कुछ खेलों का आयोजन होना चाहिए। साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ इवेंट्स भी राज्य में आयोजित किए जाएं।
“बिहार इतिहास लिखता नहीं, रचता है”
इस अवसर पर (महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी) ने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और अब राज्य खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करने और मेडल जीतने वाले खेलों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों के बीच गहन मंथन
सुबह से शाम तक चले इस कॉनक्लेव में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें ग्लोबल स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग, मेगा स्पोर्टिंग इवेंट्स, ओलंपिक होस्टिंग, स्पोर्ट्स और शिक्षा का तालमेल, खेल प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय खेल राजनीति जैसे मुद्दे शामिल रहे।
कार्यक्रम में देशभर से आए कई दिग्गजों ने अपने विचार साझा किए। इनमें , , , सहित कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और खेल विशेषज्ञ शामिल रहे।
खेल विकास की नई रणनीति पर फोकस
कॉनक्लेव के दौरान यह भी तय किया गया कि यहां मिले सुझावों को अप्रैल में केंद्र स्तर पर आयोजित चिंतन शिविर में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उन्हें नीति के स्तर पर लागू किया जा सके।
बिहार के लिए नई शुरुआत
बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026 को राज्य के लिए एक निर्णायक पहल माना जा रहा है। यह आयोजन न केवल खेलों को बढ़ावा देने का मंच बना, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ।
सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से आने वाले वर्षों में बिहार न केवल खेल प्रतिभाओं का केंद्र बनेगा, बल्कि देश का प्रमुख स्पोर्ट्स हब बनकर उभरेगा।


