
सीवान, बिहार: राज्य में अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में सीवान जिले में 24 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा एनकाउंटर सामने आया है, जिसमें हत्या के एक आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर काबू में कर लिया। इस कार्रवाई को लेकर पूरे इलाके में चर्चा तेज है और इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
यह मुठभेड़ गुरुवार तड़के हुई, जब पुलिस टीम एक आरोपी को हथियार बरामदगी के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे घायल कर दिया। घायल आरोपी की पहचान छोटू कुमार यादव के रूप में हुई है, जो हाल ही में हुए एक चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
हत्या के बाद तेज हुई पुलिस कार्रवाई
पूरी घटना की जड़ में एक सनसनीखेज हत्याकांड है, जिसने सीवान जिले को झकझोर कर रख दिया था। बुधवार शाम नगर थाना क्षेत्र के आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास दो लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस हमले में हर्ष सिंह की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया गया कि दोनों एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तभी रास्ते में एक मामूली विवाद के बाद यह हिंसक घटना हुई। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मुख्य आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने न सिर्फ अपने जुर्म को स्वीकार किया, बल्कि यह भी बताया कि इस घटना में उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी।
हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस टीम आरोपी को उसके बताए गए स्थान पर हथियार बरामद कराने के लिए लेकर जा रही थी। जैसे ही पुलिस वहां पहुंची और आरोपी से हथियार दिखाने को कहा, उसने अचानक मौका पाकर पुलिस पर हमला कर दिया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी ने हाथ छुड़ाकर हथियार निकाला और लगातार फायरिंग शुरू कर दी। उसने करीब पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत काबू में कर लिया।
घायल आरोपी का इलाज जारी
मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी की स्थिति स्थिर है और जैसे ही वह पूरी तरह ठीक होगा, उससे आगे की पूछताछ की जाएगी।
आपराधिक इतिहास भी आया सामने
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि छोटू यादव का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और हाल ही में जेल से बाहर आया था। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय अपराधियों के मन में डर पैदा होगा और अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
पुलिस अधिकारियों ने दी जानकारी
जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है। आरोपी ने खुद पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में यह कदम उठाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इलाके में बढ़ी सतर्कता
इस घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और गश्त भी तेज कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से उन्हें सुरक्षा का एहसास हुआ है, लेकिन साथ ही वे चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
अपराध के खिलाफ सख्त संदेश
लगातार हो रहे एनकाउंटर और तेज पुलिस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से अपराध पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसके साथ ही निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन भी जरूरी है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कुल मिलाकर, सीवान में हुआ यह एनकाउंटर बिहार में अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


