बिहार में 50 करोड़ से अधिक की सड़क और पुल परियोजनाओं की होगी सख्त निगरानी, गुणवत्ता में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

पटना: बिहार में सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं को समय पर पूरा करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पथ निर्माण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने सोमवार को 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सड़क और पुल परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करना और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पटना में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में बिहार राज्य रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BSRDCL), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL), राष्ट्रीय उच्चपथ परियोजनाओं तथा पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित बड़ी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं ने भाग लिया, जबकि विभिन्न जिलों और प्रमंडलों के क्षेत्रीय अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

बड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष फोकस

बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में चल रही उच्च लागत वाली सड़क और पुल परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। सचिव ने कहा कि बिहार में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर सरकार गंभीर है और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। सचिव ने स्पष्ट किया कि केवल परियोजना पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

हर डिवीजन में होगा व्यापक सर्वे

समीक्षा बैठक के दौरान सचिव ने निर्देश दिया कि विभाग के सभी डिवीजनों में विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। इसके तहत वर्तमान में चल रहे सभी निर्माण कार्यों की भौतिक जांच की जाएगी और मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कई बार कागजी प्रगति और जमीनी स्थिति में अंतर देखने को मिलता है। इसलिए आवश्यक है कि अधिकारी नियमित रूप से परियोजनाओं का निरीक्षण करें और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।

सचिव ने यह भी कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी परियोजना में तकनीकी कमी, निर्माण त्रुटि या कार्य में धीमी प्रगति पाई जाती है तो तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

गुणवत्ता पर रहेगा विभाग का सबसे अधिक जोर

बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विशेष चर्चा की गई। सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें और पुल बनाना नहीं है, बल्कि ऐसे निर्माण कार्य कराना है जो वर्षों तक जनता को बेहतर सुविधा प्रदान कर सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्य निष्पादन की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जाए। विभागीय अभियंताओं को नियमित जांच करने और आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

PMIS पोर्टल को नियमित अपडेट करने का निर्देश

समीक्षा के दौरान परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली (PMIS) पोर्टल के उपयोग पर भी जोर दिया गया। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड की जाए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था के माध्यम से विभाग राज्यभर में चल रही परियोजनाओं की रियल टाइम निगरानी कर सकता है। इससे कार्यों की प्रगति, लागत, समयसीमा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों पर नजर रखना आसान होगा।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी पूरी तरह सटीक और अद्यतन होनी चाहिए ताकि निर्णय लेने में कोई कठिनाई न हो।

जन शिकायतों के समाधान को दी गई प्राथमिकता

बैठक में विभाग से संबंधित जन शिकायतों की समीक्षा भी की गई। सचिव ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से ‘सहयोग पोर्टल’ पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्तमान में 55 शिकायतें लंबित हैं।

सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में देरी से जनता का विश्वास प्रभावित होता है, इसलिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अधिकांश प्रमंडलों के कार्यों पर जताया संतोष

बैठक के दौरान सचिव ने अधिकांश प्रमंडलों के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां कहीं भी कमियां पाई जाएंगी, वहां सुधार के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल उपलब्धियों की समीक्षा करना नहीं बल्कि कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करना भी है।

प्रगति यात्रा से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश

समीक्षा बैठक में राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं और प्रगति यात्रा के दौरान घोषित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित विकास योजनाओं का समय पर पूरा होना जनता की अपेक्षाओं से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं की जानकारी समय पर साझा करने को भी कहा ताकि आवश्यक प्रशासनिक या तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण संदेश जवाबदेही को लेकर था। सचिव पंकज कुमार पाल ने साफ कहा कि यदि किसी भी परियोजना में लापरवाही, देरी या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में ढिलाई से सरकारी संसाधनों का नुकसान होता है और जनता को भी परेशानी उठानी पड़ती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी।

मानसून और बाढ़ की तैयारियों की भी समीक्षा

सड़क और पुल परियोजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

सचिव ने निर्देश दिया कि सभी तैयारियां निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान सड़क और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

पुल-पुलियों की सफाई और कटाव रोकने पर जोर

बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी छोटे और बड़े पुल-पुलियों की अनिवार्य रूप से सफाई कराई जाए ताकि वर्षा जल का प्रवाह बाधित न हो।

इसके अलावा कटाव प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री का समय पर भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मरम्मत कार्य कराया जाए।

बेहतर आधारभूत संरचना की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में सड़क और पुल नेटवर्क का विस्तार आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उच्च लागत वाली परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और गुणवत्ता पर जोर राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

पथ निर्माण विभाग की इस समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि सरकार अब केवल परियोजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। आने वाले महीनों में इन निर्देशों का असर राज्य की सड़क और पुल परियोजनाओं की प्रगति पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

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