पटना, बिहार: बिहार में राज्यसभा चुनाव की जंग दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। आरजेडी उम्मीदवार एडी सिंह की जीत सुनिश्चित करने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर महागठबंधन के विधायकों के साथ लंबी बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य था जीत के लिए आवश्यक 41 विधायकों के वोट जुटाने की रणनीति तय करना।
तेजस्वी यादव का दावा और रणनीति
तेजस्वी यादव ने बैठक के दौरान दावा किया कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। लेकिन सुरक्षित जीत के लिए छोटे दलों का समर्थन भी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आईपी गुप्ता महागठबंधन को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
फोन पर संपर्क और अगली बैठक
बैठक के दौरान सस्पेंस तब बढ़ गया जब आईपी गुप्ता ने तेजस्वी यादव की बात एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान से फोन पर करवाई। फोन पर विस्तृत चर्चा नहीं हुई, लेकिन तेजस्वी ने उनसे व्यक्तिगत मिलने की इच्छा जताई। जवाब में अख्तरूल ईमान ने आज शाम इफ्तार का हवाला देते हुए कल यानी 11 मार्च को दोपहर में तेजस्वी से मिलने का समय तय किया।
एआईएमआईएम का समर्थन है ‘मिशन 41’ की कुंजी
एडी सिंह की जीत के लिए महागठबंधन को कम से कम 41 विधायकों के प्रथम वरीयता वोट की आवश्यकता है। ऐसे में एआईएमआईएम का समर्थन निर्णायक साबित हो सकता है। तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों को एकजुट रहने का निर्देश देते हुए भरोसा जताया कि एडी सिंह भारी मतों से जीतेंगे।


